हैदराबाद पुलिस ने अरकू से मुंबई तक गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 78 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल है। पुलिस ने ₹10 लाख मूल्य का 38 किलो गांजा बरामद किया है।
- हैदराबाद CCS और गांधी नगर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- 38 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत ₹10 लाख है।
- गिरफ्तार आरोपियों में एक 78 वर्षीय होमस्टे संचालक भी शामिल है।
- तस्करी का रूट अरकू (विशाखापत्तनम) से हैदराबाद होते हुए मुंबई तक था।
हैदराबाद के सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) ने गांधी नगर पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शुक्रवार को एक ऑपरेशन के दौरान पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 38 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया गया है। जब्त किए गए इस नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹10 लाख आंकी गई है।
इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात आरोपियों की उम्र है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 78 वर्षीय राजाराम स्वामी कन्नू पडैयाची शामिल है, जो महाराष्ट्र के ठाणे में एक होमस्टे चलाता है। अन्य आरोपियों में 65 वर्षीय संतोष बलराम प्रजापति, 66 वर्षीय विजयलक्ष्मी कलियामूर्ति पेलई, और दो घरेलू सहायिकाएं, सिलमिना कुजुर (36) और शीला देवी (48) शामिल हैं। ये सभी आरोपी मुंबई और तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से जुड़े हैं।
तस्करी का शातिर तरीका
पुलिस जांच से पता चला है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी विशाखापत्नाम जिले के अरकू से बड़ी मात्रा में गांजा इकट्ठा करते थे, जिसे भूरे रंग के पार्सल कवर में पैक किया जाता था। पहचान छुपाने के लिए, वे इस गांजे को अपने नियमित यात्रा बैगों में छिपा लेते थे और बसों के जरिए हैदराबाद पहुंचते थे। शक से बचने के लिए, गिरोह के सदस्य अलग-अलग बसों में यात्रा करते थे ताकि किसी को संदेह न हो।
हैदराबाद पहुंचने के बाद, वे एक दिन के लिए अलग-अलग लॉज में रुकते थे और फिर मुंबई के लिए अगली बस पकड़ते थे। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अपराधी इस तरह के 'कैरियर' का उपयोग इसलिए करते हैं क्योंकि बुजुर्गों और महिलाओं पर पुलिस कम संदेह करती है।
अपराधी अब बुजुर्गों और घरेलू सहायिकाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कानून की नजरों से बच सकें।
Why This Matters
यह मामला न केवल नशीली दवाओं के बढ़ते व्यापार को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे संगठित अपराध के गिरोह समाज के सबसे कमजोर और उम्रदराज वर्गों का शोषण कर रहे हैं। पुलिस अब उस मुख्य स्रोत की तलाश कर रही है जो इन लोगों को निर्देश देता था और उन्हें प्रति डिलीवरी ₹10,000 से ₹12,000 का कमीशन देता था।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पकड़े गए आरोपियों की पहचान क्या है?
उत्तर: पकड़े गए आरोपियों में राजाराम स्वामी (78), संतोष प्रजापति (65), विजयलक्ष्मी पेलई (66), सिलमिना कुजुर (36) और शीला देवी (48) शामिल हैं।
प्रश्न 2: पुलिस ने कितनी मात्रा में नशा बरामद किया है?
उत्तर: पुलिस ने 38 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹10 लाख है।