नोएडा पुलिस ने एक बड़े विमानन भर्ती घोटाले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी अजय को गिरफ्तार किया है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट चलाकर लोगों को ठग रहा था।
- नोएडा पुलिस ने विमानन भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी अजय को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया।
- गिरोह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट का उपयोग कर रहा था।
- ठगों ने 'लम्बोदर इंस्टीट्यूट' के नाम से सेक्टर 22, नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया।
- पैसे ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन, मेडिकल और ट्रेनिंग के नाम पर वसूले जाते थे।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बेहद संगठित विमानन भर्ती और प्रवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने अजय नामक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम पर एक फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी चाहने वालों और छात्रों को निशाना बना रहा था।
जांच में पता चला है कि यह गिरोह नोएडा के सेक्टर 22 में 'लम्बोदर इंस्टीट्यूट' के नाम से एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। इस गिरोह के सदस्य खुद को प्रतिष्ठित एयरलाइंस और विमानन प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि के रूप में पेश करते थे। वे उम्मीदवारों को आकर्षक नौकरियों और प्रवेश का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते थे।
ठगी का तरीका और जालसाजी
यह गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था। एक बार जब कोई शिकार उनके संपर्क में आ जाता, तो उनसे विभिन्न चरणों में पैसे मांगे जाते थे। इनमें पंजीकरण, प्रवेश, प्रशिक्षण, चिकित्सा परीक्षण, वर्दी, सुरक्षा जमा और प्रोसेसिंग शुल्क जैसे बहाने शामिल थे। पुलिस के अनुसार, सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से लिए जाते थे ताकि उन्हें ट्रैक करना कठिन हो सके।
विश्वास जीतने के लिए, आरोपी फर्जी ऑफर लेटर, प्रवेश पुष्टिकरण पत्र, प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी तैयार करते थे। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई थी और कई प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम और लोगो का दुरुपयोग किया था।
धन का लेन-देन और 'म्यूल अकाउंट्स'
जांचकर्ताओं के अनुसार, पीड़ितों से वसूला गया पैसा कई अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था, जिन्हें 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इन खातों के माध्यम से पैसा घुमाया जाता था और अंत में गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। पुलिस वर्तमान में इन वित्तीय लेन-देन और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
विमानन क्षेत्र में नौकरी के नाम पर होने वाली यह धोखाधड़ी डिजिटल साक्षरता की कमी का फायदा उठाती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स विकसित हो रहे हैं, साइबर अपराधी इन बड़े अवसरों का फायदा उठाने के लिए फर्जी डिजिटल पहचान का उपयोग कर रहे हैं। यह मामला दर्शाता है कि कैसे अपराधी आधिकारिक संस्थानों के लोगो और वेबसाइटों का उपयोग करके जनता का भरोसा तोड़ते हैं।
Frequently Asked Questions
1. अगर मुझे संदिग्ध नौकरी का ऑफर मिले तो क्या करना चाहिए?
हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी सत्यापित करें और कभी भी बिना चयन प्रक्रिया के पैसे न दें।
2. साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट कहाँ करें?
आप तुरंत 1930 पर कॉल कर सकते हैं या सरकार के साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।