अहमदाबाद के एक 24 वर्षीय युवक को इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन के जरिए जाल में फंसाकर ठगों ने 9.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। रिफंड के नाम पर युवक को अलग-अलग शुल्क बताकर लगातार ठगा गया।
- इंस्टाग्राम स्पॉन्सर्ड विज्ञापन के जरिए युवक को जाल में फंसाया गया।
- शुरुआत में रजिस्ट्रेशन और होटल खर्च के नाम पर छोटी रकम वसूली गई।
- रिफंड के नाम पर GST, ITR और बैंकिंग प्रोसेस जैसे फर्जी शुल्क बताकर ₹9.50 लाख ठगे।
गुजरात के अहमदाबाद शहर के पालड़ी इलाके में रहने वाले एक 24 वर्षीय युवक, अथर्व पारोलकर, के साथ एक बेहद शातिर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी अथर्व, जो वर्तमान में पीजी में रह रहा है, इंस्टाग्राम पर एक स्पॉन्सर्ड विज्ञापन के झांसे में आ गया। इस विज्ञापन में दावा किया गया था कि शहर में रहने वाली युवतियों से मुलाकात और भावनात्मक बातचीत कराई जाएगी।
घटनाक्रम की शुरुआत 25 जुलाई की रात को हुई जब अथर्व ने विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया। वहां उसकी बात हुकुम सिंग नामक व्यक्ति से हुई, जिसने उसे विश्वास दिलाया कि वह उसकी पसंद की युवती से मुलाकात करवा देगा। शुरुआत में केवल 500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया गया, जिसके बाद उसे छह युवतियों की तस्वीरें भेजी गईं। अथर्व ने 'काजल' नाम की युवती को चुना, जिसके बाद उसे अहमदाबाद के एक होटल में बुलाया गया।
होटल पहुंचने के बाद ठगी का खेल और गहरा गया। उससे मुलाकात शुल्क, वेरिफिकेशन चार्ज और मेडिकल चार्ज के नाम पर 14 हजार रुपये लिए गए। जब युवक ने सर्विस कैंसिल करने का निर्णय लिया, तो ठगों ने उसे रिफंड का लालच दिया। यहीं से असली लूट शुरू हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this is not a simple fraud but a sophisticated 'Sunk Cost Fallacy' trap. Once the victim pays a small amount, the fraudsters create a psychological loop where the victim keeps paying more just to recover the previous loss. The use of sponsored ads on reputable platforms like Instagram gives a false sense of legitimacy to the scammers.
"Cyber criminals are now leveraging paid social media advertising to target lonely individuals, using highly personalized hooks to bypass traditional caution."
ठगों ने रिफंड वापस करने के बहाने कैंसलेशन शुल्क, सर्विस रिन्यूअल, बैंकिंग प्रोसेस, GST और यहाँ तक कि ITR शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह कुल 9,50,092 रुपये की भारी रकम ठग ली गई। आरोपियों ने वादा किया था कि 3 अगस्त तक सारा पैसा वापस मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जब रिफंड नहीं मिला, तब अथर्व को अहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है। उसने तुरंत अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है जिनका उपयोग इस अपराध में किया गया था।
Frequently Asked Questions
1. क्या इंस्टाग्राम के स्पॉन्सर्ड विज्ञापन पूरी तरह सुरक्षित होते हैं?
नहीं, विज्ञापनदाता किसी भी विज्ञापन के लिए भुगतान कर सकते हैं। इंस्टाग्राम केवल भुगतान स्वीकार करता है, वह हर विज्ञापन की सत्यता की गारंटी नहीं देता।
2. साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।