गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच का दायरा मध्य प्रदेश और दिल्ली तक फैला दिया है।

  • भावनगर जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि 67 लोग प्रभावित हुए हैं।
  • फॉरेंसिक रिपोर्ट में शराब में 38.59% जहरीला मेथनॉल होने की पुष्टि हुई है।
  • मामले की जांच 'स्टेट मॉनिटरिंग सेल' को सौंपी गई है, जिसके तार मध्य प्रदेश और दिल्ली से जुड़े हैं।

गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। हाल ही में इलाज के दौरान दो और मरीजों, मुकेश डामोर (36) और भार्गव उपाध्याय (42) की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, कुल 67 लोगों ने इस जहरीली शराब का सेवन किया था, जिसमें अत्यधिक विषैला पदार्थ मेथनॉल मिला हुआ था। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों ने जो शराब पी थी, उसे एक लोकप्रिय भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) ब्रांड के नाम वाली बोतलों में पैक किया गया था ताकि लोग इसे असली समझ सकें।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि सख्त निषेध कानूनों के बावजूद, अवैध शराब व्यापार का अत्यधिक आकर्षक होना अंतर-राज्यीय बूटलेगिंग नेटवर्क को बढ़ावा दे रहा है। यह रासायनिक खरीद नियमों और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी में गंभीर कमियों को भी उजागर करता है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गुजरात पुलिस की एक विशेष इकाई स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को सौंप दी गई है, जो राज्य भर में अवैध शराब और जुआ गतिविधियों पर नजर रखती है। पुलिस ने अब तक दर्ज प्राथमिकी में नामजद 21 लोगों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया है कि यह जहरीली शराब वारतेज निवासी गौतम सोलंकी के घर पर तैयार की गई थी। इसमें मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी रईस और उसके सहायक जुबैर ने मदद की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे में शामिल नरेंद्र यादव की भी इसी जहरीली शराब को पीने से मौत हो गई, जिसे उसने खुद तैयार करने में मदद की थी।

"शराब में 38% से अधिक मेथनॉल की उपस्थिति औद्योगिक रसायनों की ट्रैकिंग में एक गंभीर विफलता को दर्शाती है, जिससे ब्रांडेड शराब के नाम पर यह जानलेवा जहर बाजार में पहुंच गया।" - सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विश्लेषक
रासायनिक घटकजहरीला नमूना (भावनगर)मानक सुरक्षित सीमा (IMFL)
मेथनॉल (अत्यधिक विषैला)38.59%केवल नगण्य मात्रा
एथेनॉल (सेवन योग्य)0.94%37.5% - 42.8% (मानक क्षमता)
पैकेजिंगनकली ब्रांडेड बोतलें और फर्जी सीलआधिकारिक आबकारी सुरक्षा सील
Did You Know?: मेथनॉल, जिसे अक्सर 'वुड अल्कोहल' भी कहा जाता है, मानव शरीर के लिए बेहद घातक है। मात्र 10 मिलीलीटर मेथनॉल के सेवन से व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है।

Frequently Asked Questions

1. अवैध शराब में मेथनॉल इतना खतरनाक क्यों होता है?
मेथनॉल शरीर में जाकर फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र और आंखों की रोशनी पर हमला करता है, जिससे अंधापन और तेजी से मौत हो सकती है।

2. गुजरात पुलिस इस त्रासदी के बाद क्या कदम उठा रही है?
गुजरात पुलिस की विशेष इकाई 'स्टेट मॉनिटरिंग सेल' मामले की जांच कर रही है और कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली और मध्य प्रदेश में टीमें भेजी गई हैं।