श्रीनगर की हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज दो कैदी दीवार फांदकर फरार हो गए हैं। पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और जनता से मदद की अपील की है।

  • श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो POCSO आरोपी फरार हुए।
  • फरार कैदियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुजर के रूप में हुई है।
  • कैदियों ने जेल की सामने वाली दीवार फांदकर भागने का रास्ता अपनाया।
  • CISF द्वारा सुरक्षित जेल से यह चूक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षा व्यवस्था को तब बड़ा झटका लगा जब रविवार, 23 अगस्त 2026 को सेंट्रल जेल से दो खतरनाक कैदी फरार हो गए। ये दोनों आरोपी POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के गंभीर मामलों में बंद थे। बताया जा रहा है कि कैदियों ने जेल की सामने वाली दीवार फांदकर भागने का साहसिक लेकिन अवैध रास्ता अपनाया।

फरार कैदियों की पहचान

पुलिस द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, फरार हुए पहले कैदी की पहचान फरमान खान के रूप में हुई है, जो राजस्थान के सदनपोरा का निवासी है। खान पर गंडबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में बीएनएस (BNS) और POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। दूसरे कैदी का नाम मुख्तार अहमद गुजर है, जो दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के सांगलान चित्तर्गुल का रहने वाला है। गुजर पर श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में यौन शोषण से संबंधित मामले दर्ज थे।

सुरक्षा में बड़ी चूक: CISF की भूमिका पर सवाल

यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास है। अक्टूबर 2023 में सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए CISF को इन संवेदनशील सुविधाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। BozokMedia विश्लेषण से संकेत मिलता है कि हाई-टेक निगरानी और सशस्त्र सुरक्षा के बावजूद, कैदियों का दीवार फांदकर निकल जाना सुरक्षा प्रोटोकॉल में एक गंभीर खामी को दर्शाता है।

जेल की दीवारों को फांदना केवल एक भौतिक चूक नहीं है, बल्कि यह निगरानी तंत्र और सतर्कता की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक बड़ा इनाम घोषित किया है और 'वांटेड नोटिस' जारी किया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस पलायन में किसी भी प्रकार की मिलीभगत या आंतरिक सुरक्षा चूक शामिल थी।

Why This Matters

POCSO जैसे संवेदनशील मामलों में बंद अपराधियों का फरार होना समाज के लिए बड़ा खतरा है। यह घटना न केवल जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करती है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

Did You Know?: श्रीनगर सेंट्रल जेल को अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है और इसकी सुरक्षा के लिए आधुनिक सर्विलांस और CISF के जवानों का उपयोग किया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: फरार हुए कैदी किन धाराओं के तहत बंद थे?
उत्तर: दोनों कैदी POCSO अधिनियम की धारा 3 और 4 (यौन शोषण) के तहत बंद थे।

प्रश्न 2: यदि किसी को जानकारी मिले तो क्या करें?
उत्तर: नागरिक तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन जा सकते हैं या 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।