श्रीनगर की केंद्रीय जेल से पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए हैं। पुलिस ने पूरे कश्मीर में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

  • श्रीनगर सेंट्रल जेल से दो POCSO आरोपी फरार हुए।
  • फरार आरोपियों में राजस्थान का फरमान खान और अनंतनाग का मुख्तार अहमद गुजर शामिल हैं।
  • पुलिस ने कश्मीर के सभी निकास द्वारों पर लुक-आउट नोटिस जारी किया है।

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित सेंट्रल जेल से एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए दो विचाराधीन कैदी जेल की सुरक्षा को तोड़कर फरार हो गए हैं। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, फरार होने वाले आरोपियों की पहचान फरमान खान और मुख्तार अहमद गुजर के रूप में हुई है। फरमान खान मूल रूप से राजस्थान का निवासी है और उस पर गंडबल जिले के लार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में यौन शोषण के गंभीर आरोप हैं। वहीं, अनंतनाग जिले के निवासी मुख्तार अहमद गुजर पर श्रीनगर के सौरा पुलिस स्टेशन में इसी तरह के गंभीर अपराधों के तहत मामला दर्ज था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि जेल से इस तरह का पलायन न केवल कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है, बल्कि समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग यानी बच्चों की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा करता है। आरोपियों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, जिससे उनके फरार होने के बाद सार्वजनिक सुरक्षा पर तत्काल खतरा मंडरा रहा है।

जेल सुरक्षा में इस तरह की सेंधमारी प्रशासनिक लापरवाही का संकेत है, जो अपराधियों को फिर से अपराध करने का मौका दे सकती है।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एक व्यापक मैनहंट (Manhunt) शुरू कर दिया है। कश्मीर के सभी महत्वपूर्ण निकास बिंदुओं, चेक पोस्टों और सीमाओं पर लुक-आउट नोटिस जारी कर दिए गए हैं ताकि आरोपियों के पलायन को रोका जा सके। स्थानीय पुलिस और विशेष सुरक्षा बलों को संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह घटना जम्मू-कश्मीर में जेल प्रबंधन की मौजूदा स्थिति पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। विशेष रूप से तब, जब कैदी ऐसे अपराधों में शामिल थे जो बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा से संबंधित थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पलायन में किसी बाहरी मदद या जेल के भीतर मिलीभगत की संभावना है।

Did You Know?: पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से बचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: फरार हुए आरोपी किन मामलों में जेल में थे?
उत्तर: दोनों आरोपी पॉक्सो अधिनियम के तहत यौन शोषण के गंभीर मामलों में विचाराधीन थे।

प्रश्न 2: पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है और कश्मीर के सभी निकास द्वारों पर अलर्ट जारी किया है।