डि.वी.ए.सी (डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑करप्शन) ने तिरुवारूर में जल संसाधन विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) और सहायक अभियंता (एई) को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया। होटल मालिक ने बताया कि अधिकारियों ने 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिससे एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला उजागर हुआ।
- एईई व एई ने 3 लाख रुपये की रिश्वत ली
- होटल मालिक ने शिकायत दर्ज कराई
- डि.वी.ए.सी ने तिरुवारूर इकाई के तहत कार्रवाई की
घटना की पृष्ठभूमि
तिरुवारूर, 24 अगस्त 2026 – जल संसाधन विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) और सहायक अभियंता (एई) को डि.वी.ए.सी (डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑करप्शन) ने गिरफ्तार किया। यह मामला एक होटल मालिक की शिकायत के बाद सामने आया, जिसने दावा किया कि विभाग के अधिकारी उसकी वैलंकन्नी (नागपट्टिनम) स्थित लोज़िंग हाउस के निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायत और जांच
होटल मालिक ने जल विभाग को एक कूल्वर्ट बनवाने की अनुमति माँगी, जिसमें उसे अपनी खुद की धनराशि से काम करना था। विभाग के एईई और एई ने NoC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट) जारी करने के बदले 3 लाख रुपये की मांग की। जब मालिक ने इस मांग को डि.वी.ए.सी के समक्ष लाया, तो उन्हें रिश्वत की राशि को रासायनिक कोटिंग वाली नोटों में बदल कर अधिकारियों को सौंपने का निर्देश मिला।
गिरफ़्तारी का क्रम
24 अगस्त को, जब विभाग के अधिकारी वही रासायनिक कोटिंग वाले नोट लेकर अपने कार्यालय पहुँचे, तो डि.वी.ए.सी के अधिकारी ने तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारियों के बाद, अधिकारियों को उनके पद से निलंबित कर दिया गया और मामले की आगे की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू की गई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such high‑level corruption within state water departments not only erodes public trust but also hampers critical infrastructure projects essential for drought‑prone regions. The swift action by DVAC signals a growing intolerance for bribery in essential services, potentially setting a precedent for other departments.
"रिश्वत के इस बड़े मामले में निष्क्रियता नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई सरकार की नई नीति को दर्शाती है," कहते हैं सार्वजनिक प्रशासन विशेषज्ञ डॉ. राजेश कश्यप।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस मामले में सभी आरोपियों को जेल की सजा मिलेगी?
उत्तर: अभी तक अदालत ने अंतिम निर्णय नहीं दिया है; प्रक्रिया चल रही है।
प्रश्न 2: इस प्रकार की भ्रष्टाचार रोकथाम के लिए कौन‑सी नई नीतियां बनायीं गई हैं?
उत्तर: राज्य सरकार ने अब सभी विभागीय मंजूरी में डिजिटल ट्रेसिंग और स्वचालित निगरानी प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा है।