सुप्रीम कोर्ट ने सभी भारतीय राज्यों से फ़ुटपाथों में अतिक्रमण हटाने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत जवाब मांगा है। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर फुटपाथों को अतिक्रमण‑मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को फुटपाथ अतिक्रमण पर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
  • हाई कोर्ट के पूर्व आदेशों के बावजूद कई शहरों में अतिक्रमण बना हुआ है।
  • निर्णय से पैदल यात्रियों की सुरक्षा और शहरी योजना पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट का अधिनियम

नई दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेष बेंच के माध्यम से सभी राज्य उच्च न्यायालयों को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने फ़ुटपाथों में अतिक्रमण हटाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी। यह नोटिस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित 29 राज्यों में लागू होगा।

हाई कोर्ट के पूर्व आदेश

पिछले दो वर्षों में कई हाई कोर्टों ने समान मुद्दों पर आदेश जारी किए थे। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली हाई कोर्ट ने 2022 में अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को कठोर समय‑सीमा दी थी, लेकिन कई शहरों में लागू करने में देरी हुई।

राज्य सरकारों की प्रतिक्रिया

कुछ राज्य सरकारें तुरंत कार्यवाही की घोषणा कर चुकी हैं, जबकि अन्य ने अभी तक विस्तृत योजना नहीं बनाई है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसी राज्य सरकारें अपने‑अपने शहरी विकास विभागों को विशेष कार्य समूह सौंप रही हैं।

Historical Background

भारत में शहरी फुटपाथों की समस्या दशकों से चल रही है। 1990 के दशक में शहरी विकास के तेज़ी से बढ़ते चरण में कई शहरों में अनियोजित निर्माण, स्टॉल और निजी पार्किंग के कारण फुटपाथ अतिक्रमित हो गए। इस कारण पैदल यात्रियों की सुरक्षा जोखिमपूर्ण बन गई, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a safe and unobstructed footpath network is directly linked to reduced traffic congestion, lower carbon emissions, and improved public health. The Supreme Court’s intervention could set a precedent for judicial oversight in urban infrastructure across India.

"फुटपाथों का अतिक्रमण केवल एक शहरी सौंदर्य समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है," कहते हैं शहरी नियोजन विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह।
Did You Know?: भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख पैदल यात्री सड़क दुर्घटनाओं में घायल होते हैं, जिनमें से अधिकांश अतिक्रमित फुटपाथों के कारण होते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सुप्रीम कोर्ट ने जवाब देने की अंतिम तिथि कब निर्धारित की है?

उत्तर: कोर्ट ने 30 दिनों के भीतर सभी राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

प्रश्न 2: यदि कोई राज्य निर्देश का पालन नहीं करता तो क्या होगा?

उत्तर: अनुपालन न करने वाले राज्यों के खिलाफ सार्वजनिक हित में विशेष कोर्ट आदेश जारी किए जा सकते हैं।