पीलीभीत की एक अदालत ने एक पिता और उसके चार साथियों को अपनी 9 वर्षीय बेटी की हत्या करने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह क्रूर साजिश एक ग्रामीण को झूठे हत्या के मामले में फंसाने के लिए रची गई थी।
- पीलीभीत कोर्ट ने पिता अनीस और 4 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई।
- 9 साल की मासूम बेटी की हत्या गांव के एक व्यक्ति को फंसाने के लिए की गई थी।
- आरोपी ने बेटी की तड़पते हुए वीडियो बनाया, अस्पताल ले जाने के बजाय।
- फोरेंसिक सबूतों और पुलिस जांच ने इस साजिश का पर्दाफाश किया।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां न्याय की जीत हुई है। स्थानीय अदालत ने एक ऐसे पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसने अपने ही गांव के एक व्यक्ति को झूठे हत्या के मामले में फंसाने के लिए अपनी 9 साल की मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी पिता अनीस और उसके चार सहयोगियों को कठोर कारावास की सजा दी है।
घटनाक्रम के अनुसार, यह पूरी साजिश एक पुराने विवाद की प्रतिशोध का हिस्सा थी। एक ग्रामीण, साकिल, ने अनीस और उसके भाई शादाब के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया था। जब पुलिस ने वारंट जारी किया, तो आरोपियों ने साकिल पर केस वापस लेने का दबाव बनाया। साकिल के इनकार करने पर, आरोपियों ने उसे हत्या के मामले में फंसाने की एक खौफनाक योजना बनाई।
साजिश का खौफनाक तरीका
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 2 दिसंबर 2022 को यह घटना घटी। आरोपियों ने मासूम बच्ची, अनाम, को एक उर्स मेले में ले गए। वापसी के रास्ते में, उन्होंने उसे नींद की गोलियां खिला दीं। जब वह बेहोश हो गई, तो अनीस ने ईंट से उसके सिर पर वार किया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी। शरीर को पुआल में छिपा दिया गया और अनीस ने पुलिस में बेटी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
यह मामला दर्शाता है कि कैसे प्रतिशोध की भावना में इंसान अपनी ही संतान के लिए काल बन सकता है।
जांच के दौरान एक और रूह कंपा देने वाला खुलासा हुआ। जब बच्ची हमले के बाद तड़प रही थी, तब पिता उसे अस्पताल ले जाने के बजाय उसका वीडियो बना रहा था। पुलिस ने फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर इस पूरी साजिश की परतें खोलीं और साकिल को निर्दोष साबित किया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला न केवल व्यक्तिगत क्रूरता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे फोरेंसिक विज्ञान और पुलिस की सूक्ष्म जांच बड़े से बड़े षड्यंत्र को ध्वस्त कर सकती है। यह समाज में बढ़ते प्रतिशोध और रिश्तों के पतन की एक भयावह तस्वीर पेश करता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आरोपियों को कितनी सजा दी गई है?
उत्तर: अदालत ने अनीस और उसके चार साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 22,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्रश्न 2: हत्या का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: हत्या का उद्देश्य एक ग्रामीण को झूठे हत्या के मामले में फंसाना था, जिसने आरोपियों के खिलाफ बलात्कार का केस दर्ज कराया था।