झांसी के चिरगांव में एक नवविवाहित महिला को अपने प्रेमी के साथ पकड़ा गया, जहाँ वह पति को नींद की दवा देकर गले पर हमला करने की कोशिश करती थी। पति ने मामला पुलिस के पास दर्ज कराया और न्याय की गुहार लगाई।
- पत्नी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया
- वह दूध‑चाय में नींद की गोली डालती थी
- पति ने झांसी एसएसपी के पास शिकायत दर्ज कराई
घटना का विस्तृत विवरण
उत्तरी प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव में एक नवविवाहित महिला को अपने प्रेमी के साथ पकड़ा गया, जहाँ उसने अपने पति को दूध‑चाय में नींद की दवा डालकर गले पर दबाव डालने का प्रयास किया। पति ने यह बात 23 अगस्त को स्थानीय पुलिस को बताई, जब पड़ोसीों की आवाज़ सुनकर वे मौके पर पहुँचे और दोनों को रोक दिया।
विवाह की पृष्ठभूमि
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह 24 जून को मध्य प्रदेश के भांडेर की एक लड़की से शादी कर चुका था। शादी के केवल डेढ़ महीने बाद ही उसने अपने पति को नींद की दवा देना शुरू कर दिया, ताकि वह प्रेमी से मिलने के लिए समय निकाल सके।
नींद की गोली का उपयोग और हमला
पत्नी ने कहा कि वह रोज़ाना दूध‑चाय में नींद की गोली मिलाती थी, जिससे पति को नींद आ जाती और वह प्रेमी के साथ मिलकर उसके गले पर दबाव डालने का प्रयास करती। यह घटना 19 और 23 अगस्त को दो बार हुई, लेकिन 23 अगस्त को पड़ोसियों की मदद से पति बच निकला।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर मोंठ पुलिस क्षेत्राधिकारी ने तुरंत मामले की जाँच शुरू कर दी। पीड़ित ने झांसी एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों को हिरासत में नहीं लिया, पर मामले की पूरी जांच का वादा किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में वैवाहिक धोखा और घरेलू हिंसा के मामलों में अक्सर पीड़ित को दवाओं के माध्यम से नियंत्रण में रखा जाता है। पिछले दशकों में कई समान मामलों में न्यायिक प्रक्रिया धीमी रही है, जिससे पीड़ितों को अक्सर न्याय नहीं मिल पाता। यह घटना इस सामाजिक समस्या को फिर से उजागर करती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such incidents highlight gaps in marital counseling and legal protection for spouses, especially in rural Uttar Pradesh where social stigma often silences victims.
"डोमेस्टिक धोखा के मामलों में अक्सर दवाओं का प्रयोग किया जाता है, यह एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और कानूनी मुद्दा है," कहती हैं अपराध शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. अंजलि मेहता।
Frequently Asked Questions
Q1: इस प्रकार के मामले में कौन से कानूनी प्रावधान लागू होते हैं?
A: भारतीय दंड संहिता की धारा 324 (गैर‑हथियार से चोट पहुंचाना) और घरेलू हिंसा (रक्षा) अधिनियम, 2005 लागू हो सकते हैं।
Q2: पीड़ित पति कैसे सुरक्षा प्राप्त कर सकता है?
A: वह पुलिस से सुरक्षा आदेश (अस्थायी प्रतिबंध आदेश) के लिए आवेदन कर सकता है और साथ ही महिला एवं बाल संरक्षण आयोग (वॉमन) से मदद ले सकता है।