भांडुप पुलिस ने तीन गंभीर मामलों में फरार चल रहे 61 वर्षीय अपराधी रवींद्र उर्फ 'पाम्पलेट' एकनाथ विचारे को 29 साल बाद सोलापुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती के मामलों में वांछित था।

  • 29 साल से फरार हत्या का आरोपी रवींद्र उर्फ पाम्पलेट एकनाथ विचारे गिरफ्तार।
  • सोलापुर जिले के करमला में एक लॉज में रसोइया बनकर रह रहा था आरोपी।
  • आरोपी पर हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती के तीन पुराने मामले दर्ज हैं।

मुंबई की भांडुप पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उस अपराधी को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जो पिछले लगभग तीन दशकों से कानून की नजरों से बच रहा था। 61 वर्षीय रवींद्र उर्फ पाम्पलेट एकनाथ विचारे को 18 अगस्त, 2026 को सोलापुर जिले के करमला स्थित 'आशुतोष लॉज' से गिरफ्तार किया गया।

जांच में पता चला कि विचारे 1990 के एक हत्या के मामले, 1991 के हत्या के प्रयास के मामले और 1989 के डकैती के मामले में वांछित था। वह 1997 से फरार चल रहा था और मुंबई की एक सत्र न्यायालय ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। उसके खिलाफ सभी मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी थे।

अपराध का विस्तृत विवरण

आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं। इनमें 1990 का हत्या का मामला (IPC की धारा 302, 147, 148, 149 और 34), 1991 का हत्या के प्रयास का मामला (धारा 307 और 34) और 1989 का घातक हथियार के साथ डकैती का मामला (धारा 397 और 114) शामिल है।

जांच की सफलता का सूत्र

इस मामले को सुलझाने का श्रेय सहायक पुलिस निरीक्षक (API) दीपक दलवी को जाता है, जिन्हें हाल ही में भांडुप थाने में स्थानांतरित किया गया था। दलवी ने बिना किसी ठोस पूर्व जानकारी के शून्य से जांच शुरू की। उन्होंने पाया कि आरोपी का बेटा भांडुप क्षेत्र में ही रहता था। बेटे के माध्यम से पुलिस को आरोपी का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना संभव हो सका।

पुलिस की तकनीकी दक्षता और स्थानीय मुखबिरों के समन्वय ने एक ऐसे अपराधी को पकड़ने में मदद की जो दशकों से अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि पुराने और लंबित मामलों में पुलिस की सक्रियता अपराधियों के मन में कानून का डर बनाए रखने के लिए आवश्यक है। यह गिरफ्तारी यह भी दर्शाती है कि डिजिटल फुटप्रिंट और पारिवारिक संबंधों के माध्यम से अब दशकों पुराने अपराधियों को ढूंढना संभव है।

Did You Know?: अपराधी अक्सर अपनी पहचान बदलने के लिए नए शहरों में जाकर साधारण नौकरियां (जैसे रसोइया या चौकीदार) अपना लेते हैं ताकि किसी को उन पर संदेह न हो।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आरोपी को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
उत्तर: आरोपी को सोलापुर जिले के करमला में स्थित आशुतोष लॉज से गिरफ्तार किया गया।

प्रश्न 2: आरोपी कितने समय से फरार था?
उत्तर: आरोपी रवींद्र विचारे वर्ष 1997 से, यानी लगभग 29 वर्षों से फरार था।