दिल्ली पुलिस ने इंस्टाग्राम पर फर्जी बैंक विज्ञापन के जरिए धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी में 25 लाख रुपये के स्मार्टफोन और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके तार बांग्लादेश से जुड़े होने की आशंका है।
- इंस्टाग्राम पर फर्जी बैंक ऑफर वाले विज्ञापनों के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।
- दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और 25 लाख रुपये के 50 मोबाइल फोन बरामद किए।
- जांच में इस गिरोह के बांग्लादेशी कनेक्शन और अंतरराज्यीय सप्लाई चेन का पता चला है।
दिल्ली पुलिस की साइबर वेस्ट शाखा ने एक बेहद सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी बैंक विज्ञापनों का उपयोग करके लोगों को लुभाता था और फिर उनके क्रेडिट कार्ड विवरण चुराकर महंगे स्मार्टफोन खरीदता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि इंस्टाग्राम पर एक बैंक ऑफर देखकर संपर्क करने के बाद उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। जालसाजों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए खुद को बैंक अधिकारी बताया और उसे 'AMEX India' नामक एक फर्जी ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। इस ऐप के जरिए अपराधियों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर ली और ₹2.68 लाख के महंगे मोबाइल फोन खरीद लिए।
बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
तकनीकी जांच और मनी ट्रेल के विश्लेषण से पता चला कि इस धोखाधड़ी के तार बांग्लादेश से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने लखनऊ के एक होटल में छापेमारी कर 21 वर्षीय मोहम्मद राशिद नियाज उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया। इसके बाद कोलकाता पुलिस के समन्वय से 29 वर्षीय मोहम्मद आसिफ को भी धर दबोचा गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 50 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें 45 नए और महंगे स्मार्टफोन (जैसे iPhone) शामिल हैं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग ₹25 लाख है। जांच में पाया गया कि ये फोन लखनऊ, कोलकाता और धनबाद जैसे शहरों में भेजे जा रहे थे, और फर्जी सिम कार्ड के लिंक पश्चिम बंगाल के 24 परगना से मिले हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक व्यक्तिगत धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि एक सुव्यवस्थित 'क्रॉस-बॉर्डर सप्लाई चेन' का हिस्सा है। अपराधी न केवल वित्तीय डेटा चुरा रहे हैं, बल्कि चोरी के सामान को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार भेजने के लिए एक जटिल नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर आकर्षक बैंकिंग ऑफर पर भरोसा करना आपकी वित्तीय सुरक्षा के लिए घातक हो सकता है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये चोरी किए गए फोन कमीशन के बदले बांग्लादेश भेजे जा रहे थे। गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी संपर्कों की पहचान करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस घोटाले का मुख्य तरीका क्या था?
उत्तर: अपराधी इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन दिखाते थे और फिर व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ित को फर्जी बैंकिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर करते थे।
प्रश्न 2: पुलिस ने कुल कितनी संपत्ति बरामद की है?
उत्तर: पुलिस ने लगभग 25 लाख रुपये मूल्य के 50 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।