दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर घोटाले में भ्रष्टाचार के नए सबूत मिले हैं। व्हाट्सएप चैट से खुलासा हुआ है कि कैसे टेंडर की शर्तों को बदलकर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुँचाया गया।

  • पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और DJB के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय मामले में मुख्य आरोपी हैं।
  • व्हाट्सएप चैट से टेंडर की शर्तों में हेरफेर और मिलीभगत के प्रमाण मिले हैं।
  • घोटाले के कारण सरकारी प्रोजेक्ट की लागत में लगभग 123 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।

दिल्ली में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा की जा रही जांच में ऐसे व्हाट्सएप संदेश मिले हैं जो कथित STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) टेंडर घोटाले में गहरी साजिश की ओर इशारा करते हैं। इन संदेशों में 'गुड न्यूज', 'थैंक यू सो मच सर' और 'प्लीज गेट इट डन' जैसे वाक्यांशों का उपयोग किया गया है, जो टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत को दर्शाते हैं।

ACB की जांच के अनुसार, टेंडर की शर्तों और काम के दायरे (Scope of Work) में जानबूझकर बदलाव किए गए ताकि लागत बढ़ाई जा सके और Euroteck Environment Private Limited नामक कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि पैसा उन बिचौलियों के माध्यम से घुमाया गया था जिनके संबंध पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय से होने का आरोप है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में होने वाले बड़े पैमाने पर सिस्टमैटिक भ्रष्टाचार को उजागर करता है। यदि टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मापदंडों को केवल एक कंपनी के पक्ष में बदला जाता है, तो इससे न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी समाप्त हो जाती है।

जांच एजेंसी का दावा है कि तकनीकी सिफारिशों के बिना क्षमता में वृद्धि करने के निर्णय पूरी तरह से मनमाने और भ्रष्टाचार से प्रेरित थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रोहिणी STP की क्षमता को बिना किसी तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन के 15 MGD से बढ़ाकर 30 MGD कर दिया गया। ACB का आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने इन परिवर्तनों को मंजूरी दी, जिससे परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, ओखला फेज V STP को परियोजना से बाहर रखा गया, जिससे कुल लागत में लगभग 123 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, 18 अगस्त को जैन, राय और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उनकी जमानत याचिकाएं अदालत में लंबित हैं।

Did You Know?: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का मुख्य कार्य शहरी अपशिष्ट जल को साफ करना होता है ताकि उसे नदियों में छोड़ने से पहले सुरक्षित बनाया जा सके।

Frequently Asked Questions

1. यह STP घोटाला क्या है?
यह दिल्ली जल बोर्ड द्वारा STP के अपग्रेडेशन के लिए जारी किए गए टेंडर में नियमों में हेरफेर कर एक विशेष कंपनी को फायदा पहुँचाने का मामला है।

2. मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपियों में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय और Euroteck के मालिक राज कुमार कुरा शामिल हैं।

विवरणमूल योजनासंशोधित योजना (आरोप)
रोहिणी STP क्षमता15 MGD30 MGD
अनुमानित लागत वृद्धिन्यूनतम~123 करोड़ रुपये
तकनीकी आधारमानक प्रक्रियाबिना किसी तकनीकी अध्ययन के