दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद के एक डॉक्टर को ₹50 लाख की अवैध कैंसर दवाओं के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर भारत में प्रतिबंधित दवाओं का अवैध व्यापार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कर रहा था।

  • फरीदाबाद के डॉ. मनीष शर्मा को ₹50 लाख की अवैध कैंसर दवाओं के साथ गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपी 'HK Pharmaceutical' नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था।
  • पुलिस ने Iclusig, Darzalex और Human Albumin जैसी महंगी दवाओं को जब्त किया है।
  • जांच में पता चला है कि दवाएं अंतरराष्ट्रीय तस्करी के जरिए भारत लाई जा सकती हैं।

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े स्वास्थ्य घोटाले का पर्दाफाश करते हुए फरीदाबाद के एक डॉक्टर, डॉ. मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से Iclusig, Darzalex और Human Albumin जैसी बेहद महंगी और कुछ हद तक प्रतिबंधित कैंसर दवाओं का जखीरा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।

जांच में सामने आया है कि शर्मा ने 2023 से IndiaMART पोर्टल पर 'HK Pharmaceutical' के नाम से अपनी ऑनलाइन फार्मेसी संचालित की थी। वह न केवल महंगी दवाएं बेच रहा था, बल्कि भारत में प्रतिबंधित विशिष्ट खुराक वाली दवाओं की तस्करी में भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक अफगानी नागरिक को भी ये दवाएं बेची थीं।

क्यों है यह मामला गंभीर?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल अवैध व्यापार का नहीं, बल्कि जीवन रक्षक दवाओं के साथ खिलवाड़ का भी है। Iclusig जैसी दवाएं, जो ब्लड कैंसर के इलाज में काम आती हैं, भारत में बिक्री के लिए अधिकृत नहीं हैं। आरोपी ने एक मरीज से मात्र 40,000 रुपये में दो पैकेट दवाएं खरीदीं, जबकि बाजार में उनकी कीमत 17 लाख रुपये से अधिक है। इस तरह के अवैध व्यापार से नकली या एक्सपायर्ड दवाओं के बाजार में आने का खतरा बढ़ जाता है।

अवैध दवाओं का यह नेटवर्क न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि कैंसर रोगियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके जीवन के साथ क्रूर मजाक है।

डॉ. शर्मा का आपराधिक इतिहास काफी जटिल है। रूस से एमबीबीएस करने के बाद, वह भारत में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक Foreign Medical Graduates Examination (FMGE) पास करने में विफल रहा। इसके बाद उसने निजी अस्पतालों में काम किया और बाद में फरीदाबाद में अपने अस्पताल खोले, लेकिन वित्तीय घाटे के कारण उसने दवाओं के अवैध कारोबार का रास्ता चुना।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: दवाओं का काला बाजार

भारत में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दवाओं की कमी और उनकी अत्यधिक लागत अक्सर एक समानांतर 'ब्लैक मार्केट' को जन्म देती है। अक्सर अंतरराष्ट्रीय सहायता कार्यक्रमों (Patient Assistance Programmes) से प्राप्त दवाओं का दुरुपयोग इस तरह के रैकेट चलाने के लिए किया जाता है।

Did You Know?: कुछ कैंसर रोधी दवाएं इतनी महंगी होती हैं कि उनकी एक खुराक की कीमत एक मध्यमवर्गीय परिवार की वार्षिक आय के बराबर हो सकती है।

Frequently Asked Questions

1. आरोपी कौन सी दवाएं बेच रहा था?
आरोपी Iclusig, Darzalex 1.8mg और Human Albumin जैसी महंगी और प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था।

2. गिरफ्तारी कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस ने एक जाल बिछाया और एक फर्जी ऑर्डर देकर आरोपी को सुखदेव विहार में रंगे हाथों पकड़ लिया।