बेंगलुरु के कुख्यात हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी की जमानत याचिका को विशेष PMLA अदालत ने खारिज कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैकिंग के जरिए ₹288 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई का बड़ा सबूत पेश किया है।
- बेंगलुरु के हैकर श्रीकी और उसके अकाउंटेंट रॉबिन खंडेलवाल की जमानत याचिका अदालत ने ठुकराई।
- ED ने ₹288.96 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग और हैकिंग के माध्यम से अवैध कमाई का खुलासा किया है।
- आरोपों में क्रिप्टो एक्सचेंजों, पोकर साइटों और सरकारी ई-टेंडर पोर्टल्स को हैक करना शामिल है।
बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने इस सप्ताह एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हैकर Srikrishna Ramesh (Sriki) और उसके अकाउंटेंट Robin Khandelwal की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पेश किए गए सबूतों ने एक विशाल भ्रष्टाचार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें पुलिस और राजनेताओं की कथित संलिप्तता का भी संकेत मिलता है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जांच के दौरान अपराध की आय (Proceeds of Crime) लगभग ₹288,96,54,677 होने का अनुमान लगाया गया है। अदालत ने माना कि श्रीकी की भूमिका केवल सहायक नहीं थी, बल्कि वह इस पूरे अवैध नेटवर्क का मुख्य हिस्सा था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल साइबर अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल संपत्ति (Virtual Digital Assets) के माध्यम से होने वाले वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग के नए और जटिल तरीकों को उजागर करता है। हैकर्स अब 'मिक्सर्स' और 'CoinJoin' जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं ताकि धन के स्रोत को छुपाया जा सके।
डिजिटल युग में, क्रिप्टो-करेंसी का उपयोग करके किए जाने वाले मनी लॉन्ड्रिंग के मामले कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीकी ने क्रिप्टो एक्सचेंजों, पोकर और गेमिंग साइटों के साथ-साथ राज्य के ई-टेंडर पोर्टल्स को भी निशाना बनाया था। ED का आरोप है कि इस अवैध धन का उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी, विलासितापूर्ण जीवनशैली, होटल आवास और यात्रा के लिए किया गया था।
विशेष अदालत ने यह भी नोट किया कि श्रीकी 2020 में बेंगलुरु पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बावजूद अपनी अवैध गतिविधियों को जारी रखता रहा। आरोपी ने तर्क दिया था कि उसने ED के 30 से अधिक समन का जवाब दिया है, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता और डिजिटल साक्ष्यों को देखते हुए उसकी दलील को खारिज कर दिया।
Frequently Asked Questions
1. श्रीकी पर मुख्य रूप से क्या आरोप हैं?
श्रीकी पर क्रिप्टो एक्सचेंज, गेमिंग वेबसाइटों और सरकारी पोर्टल को हैक करने और ₹288 करोड़ से अधिक की अवैध राशि को लॉन्डर करने का आरोप है।
2. अदालत ने जमानत क्यों खारिज की?
अदालत ने पाया कि ED द्वारा प्रस्तुत डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य अपराध की गंभीरता को दर्शाते हैं और आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।