हैदराबाद के गोशमहाल पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसने नौकरी का प्रशिक्षण देने के बहाने एक महिला से ₹2.25 लाख की ठगी की। आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया था।
- आरोपी चकली प्रवीण कुमार को गोशमहाल पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- ठगी का शिकार हुई महिला से कुल ₹2.25 लाख वसूले गए।
- आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क कर नौकरी का झांसा दिया था।
हैदराबाद की गोशमहाल पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने पेशेवर प्रशिक्षण और नौकरी दिलाने का वादा करके एक महिला को लाखों रुपये का चूना लगाया। आरोपी की पहचान चकली प्रवीण कुमार के रूप में हुई है, जो रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के नंदर्कन्नपेट का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सोशल मीडिया से शुरू हुआ। पीड़िता, पोकला वैष्णवी ने साल 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी प्रवीण कुमार से संपर्क किया था। प्रवीण ने वैष्णवी को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण और उसके बाद नौकरी मिलने का आश्वासन दिया। उसने प्रशिक्षण की लागत और अन्य खर्चों का विवरण देकर महिला का विश्वास जीता।
जांच में सामने आया कि 22 फरवरी, 2025 को आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और एक बॉन्ड पेपर निष्पादित करने के बहाने प्रशिक्षण शुल्क के रूप में ₹1.5 लाख की बड़ी राशि वसूल ली। ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका; मई 2025 में उसने दस्तावेज़ सत्यापन (document verification) के नाम पर ₹50,000 और अधिक मांगे।
अंततः, 9 जुलाई 2025 को आरोपी ने एक 'DD ID' के नाम पर ₹25,000 की मांग की, जिसे पीड़िता ने ऑनलाइन माध्यम से स्थानांतरित कर दिया। कुल मिलाकर, आरोपी ने ₹2.25 लाख की ठगी की, लेकिन जब प्रशिक्षण या नौकरी का कोई परिणाम नहीं निकला और आरोपी ने कॉल उठाना बंद कर दिया, तब पीड़िता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब साइबर अपराधियों के लिए शिकार खोजने का प्राथमिक जरिया बन गए हैं। नौकरी के वादे और प्रशिक्षण के नाम पर होने वाली यह धोखाधड़ी युवाओं की बेरोजगारी और करियर की असुरक्षा का फायदा उठाती है।
सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनौपचारिक नौकरी के प्रस्तावों पर बिना गहन जांच के भरोसा करना वित्तीय जोखिम भरा हो सकता है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है और उसे अदालत में पेश किया गया है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे अपराधी कानूनी दस्तावेजों (बॉन्ड पेपर) का उपयोग करके लोगों को विश्वास में लेते हैं।
Historical Background
भारत में पिछले कुछ वर्षों में 'जॉब स्कैम' के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। अपराधी अक्सर लिंक्डइन, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों का उपयोग करते हैं ताकि वे पेशेवर दिख सकें और शिकार को आसानी से लक्षित कर सकें।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आरोपी ने किस माध्यम से पीड़िता से संपर्क किया था?
उत्तर: आरोपी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता से संपर्क किया था।
प्रश्न 2: पुलिस ने आरोपी पर कौन सी धारा के तहत मामला दर्ज किया है?
उत्तर: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।