तमिलनाडु के चार जिलों में फैले FQL इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग और VG इन्वेस्टमेंट ग्रुप के बड़े घोटाले की जांच अब आर्थिक अपराध विंग (EOW) करेगी। सैकड़ों निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगने वाले इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की आशंका है।

  • FQL इन्वेस्टमेंट और VG इन्वेस्टमेंट ग्रुप के माध्यम से चलाया गया बड़ा पोंजी स्कीम घोटाला।
  • मदुरै, विरुधुनगर, डिंडिगुल और शिवगंगा जिलों के सैकड़ों लोग हुए शिकार।
  • अब तक 17 आरोपी गिरफ्तार और 13 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं।
  • मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय लिंक के कारण जांच EOW को सौंपी गई।

तमिलनाडु पुलिस ने FQL इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग, FQL एक्सचेंज ऐप और VG इन्वेस्टमेंट ग्रुप सिंडिकेट के नाम से संचालित एक बड़े मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग घोटाले की जांच को तेज कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने सार्वजनिक हित में इन मामलों की गहन और व्यवस्थित जांच के लिए इन्हें आर्थिक अपराध विंग (EOW) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

यह धोखाधड़ी पिछले सात महीनों से मदुरै, विरुधुनगर, डिंडिगुल और शिवगंगा जिलों में सक्रिय थी। इस गिरोह के एजेंट आम जनता को लुभाने के लिए असामान्य रूप से उच्च दैनिक रिटर्न का वादा करते थे। निवेशकों को विश्वास दिलाया गया था कि क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के माध्यम से उनका पैसा मात्र 40-45 दिनों में दोगुना हो जाएगा, जिसने सैकड़ों लोगों को इस जाल में फँसाया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित वित्तीय अपराध है। जिस तरह से फंड को Tether (USDT) में बदला गया और फिर Binance वॉलेट के माध्यम से स्थानांतरित किया गया, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अपराधियों ने कानून से बचने के लिए डिजिटल मुद्राओं का उपयोग किया। यह मामला भारत में अनियंत्रित क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के खतरों को उजागर करता है।

क्रिप्टोकरेंसी की जटिलता और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन का उपयोग करके ठग अक्सर स्थानीय पुलिस की पहुंच से बाहर निकल जाते हैं, इसलिए EOW जैसी विशेषज्ञ एजेंसी की भूमिका यहाँ महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि स्थानीय एजेंटों ने नकद और UPI (G-Pay) के माध्यम से निवेश एकत्र किया। इस राशि का एक हिस्सा USDT में बदलकर FQL/VG वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया। जब निवेशकों ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो उनके खाते ब्लॉक कर दिए गए और उनसे और अधिक पैसों की मांग की गई। अंततः, एप्लिकेशन को बंद कर दिया गया, जिससे निवेशकों की पूरी पूंजी डूब गई।

अब तक इस मामले में छह एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं—तीन मदुरै में और एक-एक डिंडिगुल, विरुधुनगर और शिवगंगा में। पुलिस ने अब तक 17 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा है और 13 संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।

क्या आप जानते हैं?: Tether (USDT) एक 'स्टेबलकॉइन' है जिसका मूल्य अमेरिकी डॉलर के बराबर रहता है, और इसका उपयोग अक्सर अवैध वित्तीय लेनदेन को ट्रैक करना मुश्किल बनाने के लिए किया जाता है।

Frequently Asked Questions

1. FQL घोटाला क्या था?
यह एक पोंजी स्कीम थी जिसने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से निवेश लिया और 45 दिनों में पैसा दोगुना करने का वादा किया।

2. इस मामले की जांच अब कौन कर रहा है?
मामले की जटिलता और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के कारण इसे तमिलनाडु पुलिस की आर्थिक अपराध विंग (EOW) को सौंप दिया गया है।