कमिश्नर टास्क फोर्स और एस.आर. नगर पुलिस ने आंध्र प्रदेश के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 1.71 लीटर उच्च मूल्य का हैश ऑयल जब्त किया है, जिसकी कीमत ₹21.37 लाख बताई जा रही है।
- ओडिशा से हैदराबाद हैश ऑयल ले जाने वाले दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी।
- 1.71 लीटर नशीले पदार्थ की जब्ती, जिसकी कीमत ₹21.37 लाख है।
- आरोपी आंध्र प्रदेश के कृषि मजदूर बताए जा रहे हैं।
एक समन्वित अभियान में, कमिश्नर टास्क फोर्स, जुबली हिल्स जोन टीम और एस.आर. नगर पुलिस ने हैदराबाद में नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 1.71 लीटर हैश ऑयल बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹21.37 लाख है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश के अराकू के निवासी और कृषि मजदूर पोड्डु मोहन राव (41) और अल्लूरी सीताराम राजू जिले के निवासी टी. बिस्तुदास (27) के रूप में हुई है। जांच से पता चला है कि यह जोड़ी ओडिशा और हैदराबाद के बीच नशीले पदार्थों की कीमतों में अंतर का फायदा उठाकर मुनाफा कमाना चाहती थी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, इस साजिश की शुरुआत तब हुई जब मोहन राव, जो आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, चंपागुड़ा, ओडिशा के एक ड्रग सप्लायर के संपर्क में आया। गरीबी से बाहर निकलने के रास्ते के रूप में, राव ने बिस्तुदास के साथ मिलकर प्रतिबंधित पदार्थ खरीदने की योजना बनाई। 30 अगस्त की सुबह, दोनों ने ओडिशा से हैश ऑयल खरीदा ताकि उसे तेलंगाना में ऊंची कीमत पर बेचा जा सके।
तस्करी की योजना के तहत, वे 31 अगस्त को सुबह 3 बजे विशाखापट्टनम से सिकंदराबाद के लिए ट्रेन में सवार हुए। दोपहर में सिकंदराबाद पहुँचने के बाद, वे एक ऑटो रिक्शा से एस.आर. नगर के वाटर टैंक लेन पहुँचे, जहाँ वे ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी में कम आय वाले कृषि श्रमिकों को 'कैरियर' के रूप में इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। ओडिशा जैसे राज्यों के बड़े सिंडिकेट आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाकर हैदराबाद जैसे महानगरों में ड्रग्स पहुँचाते हैं, जिससे मुख्य सरगना सुरक्षित रहते हैं।
हैश ऑयल जैसे तरल नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए रेलवे नेटवर्क का उपयोग करना राजमार्ग चौकियों से बचने की एक सोची-समझी रणनीति है।
टास्क फोर्स द्वारा जुटाई गई सटीक खुफिया जानकारी की बदौलत, लेनदेन होने से ठीक पहले आरोपियों को दबोच लिया गया। यह कार्रवाई शहर के युवाओं और नाइटलाइफ़ क्षेत्रों में सिंथेटिक ड्रग्स की घुसपैठ रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रश्न 1: हैश ऑयल कहाँ से लाया गया था?
यह नशीला पदार्थ ओडिशा के चंपागुड़ा स्थित एक सप्लायर से खरीदा गया था।
प्रश्न 2: इस छापेमारी में किन पुलिस इकाइयों ने भाग लिया?
इस ऑपरेशन में कमिश्नर टास्क फोर्स, जुबली हिल्स जोन टीम और एस.आर. नगर पुलिस शामिल थे।