पुणे के एक चीनी व्यापारी को 'व्हेल फिशिंग' हमले का शिकार होना पड़ा, जिसमें अपराधियों ने उसके अकाउंटेंट का फोन हैक करके ₹3 करोड़ की चपत लगाई। अपराधियों ने व्यापारी के नाम का उपयोग कर अकाउंटेंट को झांसा दिया और बड़ी रकम हड़प ली।
- पुणे के एक चीनी व्यापारी के व्यापारिक खाते से ₹3 करोड़ की चोरी हुई।
- अपराधियों ने 'व्हेल फिशिंग' तकनीक का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट का फोन हैक किया।
- धोखाधड़ी के लिए व्यापारी के नाम से फर्जी व्हाट्सएप संदेश भेजे गए।
- पैसे मध्य प्रदेश के रीवा जिले के 'म्यूल अकाउंट्स' में ट्रांसफर किए गए।
पुणे के मार्केट यार्ड स्थित एक प्रतिष्ठित चीनी व्यापारी के साथ हुई हालिया घटना ने साइबर सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। सोमवार सुबह, महज एक घंटे के भीतर, अपराधियों ने एक अत्यंत परिष्कृत 'व्हेल फिशिंग' (Whale Phishing) हमले के जरिए व्यापारी के खाते से ₹3 करोड़ उड़ा लिए। यह हमला इतना सटीक था कि अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश स्वयं व्यापारी की ओर से आ रहे हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, व्यापारी का अकाउंटेंट, जो पिछले नौ वर्षों से फर्म के साथ काम कर रहा है, को सुबह लगभग 10:47 बजे एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। चौंकाने वाली बात यह थी कि उस अज्ञात नंबर को व्यापारी के नाम से सेव किया गया था। संदेश में फर्म के इंटरनेट बैंकिंग बैलेंस के बारे में पूछा गया, जिसके जवाब में अकाउंटेंट ने बताया कि खाते में लगभग ₹8.50 करोड़ उपलब्ध हैं। इसके तुरंत बाद, बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते का विवरण भेजा गया और '3 करोड़ ट्रांसफर करने' का निर्देश दिया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक साधारण धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि एक लक्षित हमला है। 'व्हेल फिशिंग' या 'सीईओ स्कैम' में अपराधी किसी कंपनी के बड़े अधिकारियों या निर्णय लेने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। इस मामले में, अपराधियों ने पहले ही अकाउंटेंट के फोन में मैलवेयर (Malware) के जरिए घुसपैठ कर ली थी, जिससे वे संचार के पैटर्न को समझने और विश्वसनीय दिखने में सफल रहे।
यह हमला दर्शाता है कि साइबर अपराधी अब केवल ईमेल पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे आपके व्यक्तिगत संचार उपकरणों को ही हथियार बना रहे हैं।
जांच में पाया गया कि दो दिन पहले अकाउंटेंट को 'Transaction_Details_31/08/2026 img' नामक एक संदिग्ध फाइल मिली थी। यही वह मैलवेयर था जिसने अकाउंटेंट के फोन के संपर्कों (Contacts) को हैक किया और फोन को नियंत्रित करने की अनुमति दी। जैसे ही अकाउंटेंट ने तीन किस्तों में ₹1-1 करोड़ ट्रांसफर किए, अपराधियों ने व्हाट्सएप चैट और नंबर को फोन से मिटा दिया ताकि कोई सबूत न बचे।
पुलिस ने पुणे सिटी साइबर पुलिस स्टेशन में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि चोरी की गई राशि मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts) में भेजी गई थी।
Frequently Asked Questions
1. व्हेल फिशिंग (Whale Phishing) क्या है?
यह एक लक्षित साइबर हमला है जिसमें अपराधी उच्च स्तर के अधिकारियों या बड़े धन तक पहुंच रखने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं।
2. इस धोखाधड़ी से कैसे बचा जा सकता है?
किसी भी बड़े लेनदेन के लिए संदेश पर भरोसा करने के बजाय, हमेशा ज्ञात नंबर पर कॉल करके व्यक्तिगत रूप से पुष्टि करें।