छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व सहायक के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नाम और रसूख का इस्तेमाल कर उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप है।
- ED ने पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व सहायक के भतीजे उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया।
- आरोप है कि ₹3 करोड़ की अवैध वसूली की गई थी।
- CGPSC-2021 के प्रश्नपत्र लीक करने के बदले पैसे लिए गए थे।
- रसूख का इस्तेमाल करके डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे पदों पर फर्जी चयन कराए गए।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। बुधवार को केंद्रीय एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (PA) के रिश्तेदार को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है। जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपने मामा के पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर सरकारी नौकरियों के बदले करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की।
ED के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति उत्कर्ष चंद्राकर है, जो पूर्व मुख्यमंत्री के तत्कालीन निजी सहायक के.के. चंद्रावंशी का भतीजा है। एजेंसी का दावा है कि उत्कर्ष ने उम्मीदवारों को गुमराह करने के लिए अपने मामा के नाम, पद और राजनीतिक रसूख का सहारा लिया। यह पूरा खेल 2020 और 2021 के दौरान आयोजित CGPSC परीक्षाओं में अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।
भ्रष्टाचार का बड़ा खेल: ₹3 करोड़ का लेनदेन
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने का आश्वासन देकर नौकरी चाहने वाले अभ्यर्थियों से लगभग ₹3 करोड़ नकद वसूले थे। इस बड़ी राशि में से लगभग ₹2.80 करोड़ अनिल चंद्राकर नामक व्यक्ति को सौंप दिए गए थे।
केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, रसूखदार नामों का इस्तेमाल कर सिस्टम में सेंध लगाई गई ताकि अवैध रूप से महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा किया जा सके।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक नींव पर सीधा प्रहार है। जब डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी (DSP) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां अवैध तरीके से की जाती हैं, तो यह पूरे शासन तंत्र की विश्वसनीयता को खतरे में डाल देता है।
केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रश्नपत्रों को निजी दलालों के माध्यम से अवैध रूप से उन उम्मीदवारों और उनके रिश्तेदारों तक पहुँचाया गया जिन्होंने भारी कीमत चुकाई थी। इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Frequently Asked Questions
1. CGPSC घोटाला क्या है?
यह छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की 2020-2021 की भर्ती प्रक्रियाओं में प्रश्नपत्र लीक करने और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला है।
2. मुख्य आरोपी कौन है?
ED ने हाल ही में उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया है, जो पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी का रिश्तेदार है।