बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिवंगत दिशा सलियान की मृत्यु के मामले में सीबीआई (CBI) को एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मृतक के पिता के बयान दर्ज करने और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने को कहा है।

  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिशा सलियान की मृत्यु की जांच के लिए CBI को नियुक्त करने का आदेश दिया है।
  • CBI को मामले में FIR दर्ज करने और मृतक के पिता सतीश सलियान का बयान लेने का निर्देश दिया गया है।
  • अदालत ने स्पष्ट किया है कि बिना पर्याप्त सबूतों के किसी को भी आरोपी नहीं बनाया जाएगा।
  • जांच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों के तहत की जाएगी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार, 2 सितंबर को एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को दिवंगत दिशा सलियान की मृत्यु के मामले में जांच करने का निर्देश दिया है। दिशा सलियान, जो दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, की मृत्यु 2020 में हुई थी।

न्यायमूर्ति सारंग वी. कोटवाल और न्यायमूर्ति रणजीतसिंहा आर. भोंसले की पीठ ने अदालत में कहा कि जांच अधिकारी को उन सभी परिस्थितियों की जांच करनी चाहिए जिनमें याचिकाकर्ता की बेटी ने अपनी जान गंवाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक जांच अधिकारी को पर्याप्त आधार नहीं मिलते, तब तक किसी को भी आरोपी नहीं माना जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय न्याय प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को रेखांकित करता है। वर्षों से चले आ रहे विवादों और पूर्व जांचों पर सवाल उठाते हुए, हाई कोर्ट का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किसी भी संभावित 'कवर-अप' की संभावना को पूरी तरह से खारिज किया जा सके। यह मामला न केवल कानूनी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि सार्वजनिक विश्वास के दृष्टिकोण से भी अत्यंत संवेदनशील है।

न्यायालय का यह आदेश सुनिश्चित करता है कि न्याय की प्रक्रिया किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त होकर तथ्यों पर आधारित हो।

मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो दिशा सलियान की मृत्यु 8 जून, 2020 को मालाड स्थित एक आवासीय इमारत से गिरने के कारण हुई थी। यह घटना सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु से ठीक छह दिन पहले हुई थी। दिशा के पिता, सतीश सलियान, का आरोप है कि उनकी बेटी की मृत्यु की जांच में खामियां थीं और कुछ तत्वों द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की गई थी।

इससे पहले, पुलिस ने अपनी जांच में इसे आत्महत्या करार दिया था और 2023 में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने भी उसी निष्कर्ष का समर्थन किया था। हालांकि, सतीश सलियान ने 2025 में रिट याचिका दायर कर इस निष्कर्ष को चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप अब मामला सीबीआई के पास पहुंच गया है।

Did You Know?: दिशा सलियान की मृत्यु और सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बीच केवल छह दिनों का अंतर था, जिसने इस मामले को अत्यधिक चर्चा में ला दिया था।

Frequently Asked Questions

1. बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को क्या विशेष निर्देश दिए हैं?
कोर्ट ने CBI को एफआईआर दर्ज करने, सतीश सलियान का बयान लेने और BNSS, 2023 के तहत सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया है।

2. पुलिस का इस मामले पर क्या रुख रहा है?
मुंबई पुलिस ने पहले ही अपनी जांच में इसे आत्महत्या बताया था और SIT की रिपोर्ट ने भी इसी निष्कर्ष का समर्थन किया था।