अहमदाबाद पुलिस की विशेष शाखा (SOG) ने अवैध कोडीन सिरप के अवैध वितरण के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमा हेल्थकेयर का लाइसेंस रद्द करवा दिया है। पुलिस ने 55 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सिरप की बोतलें जब्त की हैं।
- अहमदाबाद की प्रमा हेल्थकेयर का ड्रग लाइसेंस गुजरात FDCA द्वारा रद्द।
- 5,050 बोतलें 'Cof-Trip' ब्रांड की कोडीन सिरप जब्त।
- मिश्रित राज्यों (मिजोरम, उत्तर प्रदेश, असम) में अवैध तस्करी का प्रयास।
- दो मुख्य साझेदार न्यायिक हिरासत में।
अहमदाबाद में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, गुजरात खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने प्रमा हेल्थकेयर (Prama Healthcare) का ड्रग लाइसेंस आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा बिना लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को प्रतिबंधित कोडीन-आधारित कफ सिरप (CBCS) भेजने के बाद की गई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब अहमदाबाद शहर पुलिस की विशेष संचालन समूह (SOG) ने जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) में छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने 'Cof-Trip' ब्रांड नाम वाली 5,050 बोतलें बरामद कीं, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 54.91 लाख रुपये आंकी गई है। ये बोतलें डाक पार्सल के माध्यम से विभिन्न राज्यों के अनधिकृत विक्रेताओं को भेजी जा रही थीं।
मामले की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
जांच में पाया गया कि इन पार्सलों का एक बड़ा हिस्सा मिजोरम के आइजोल स्थित एक ऐसे रिटेलर को भेजा जा रहा था, जिसके पास राज्य प्राधिकरण से कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इस मामले में 10 अगस्त को DCB पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रमा हेल्थकेयर के दो भागीदारों, हिरेन कांतीलल पटेल और पार्श्व वरा को गिरफ्तार किया है।
इन दोनों आरोपियों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था, जिसके बाद अब वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कोडीन-आधारित सिरप का अवैध व्यापार एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। कोडीन का दुरुपयोग नशीले पदार्थों की लत को बढ़ावा देता है, और डाक सेवाओं का उपयोग करके इसे राज्यों के बीच तस्करी करना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। यह मामला फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन में कड़े निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
दवाओं के वितरण में पारदर्शिता की कमी और डाक सेवाओं का दुरुपयोग नशीली दवाओं के अवैध नेटवर्क को मजबूत कर रहा है।
SOG के पीएसआई जेबी देसाई के अनुसार, पुलिस ने कुल 34 पार्सल जब्त किए हैं जिनमें 100 मिलीलीटर की 5,050 बोतलें थीं। ये पार्सल मिजोरम (5 फर्म), उत्तर प्रदेश (1 फर्म) और असम (1 फर्म) में भेजे जा रहे थे। वर्तमान में, पुलिस उत्तर प्रदेश और असम के अधिकारियों से वहां की फर्मों की स्थिति के बारे में जवाब का इंतजार कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. प्रमा हेल्थकेयर का लाइसेंस क्यों रद्द किया गया?
प्रमा हेल्थकेयर को बिना लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को प्रतिबंधित कोडीन-आधारित कफ सिरप भेजने के आरोप में लाइसेंस रद्द किया गया है।
2. पुलिस ने अब तक क्या बरामद किया है?
पुलिस ने लगभग 54.91 लाख रुपये मूल्य की 5,050 बोतलें 'Cof-Trip' ब्रांड की कोडीन सिरप बरामद की हैं।