तेलंगाना में एक युवक और युवती को 12 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का मकसद गांजे को बेचकर अपनी प्रेमिका को जन्मदिन पर महंगा आईफोन गिफ्ट करना था।
- ओडिशा से हैदराबाद ले जा रहा था 12 किलो गांजा।
- गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हमला कर सब-इंस्पेक्टर को घायल किया।
- आरोपी का मकसद गांजा बेचकर आईफोन खरीदना था।
तेलंगाना की EAGLE Force और Wyra पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए एक 21 वर्षीय युवक और 20 वर्षीय युवती को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से ₹6 लाख मूल्य का 12 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। पुलिस पूछताछ में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया—आरोपी युवक इस नशीले पदार्थ को बेचकर अपनी प्रेमिका को उसके जन्मदिन पर एक नया iPhone उपहार में देना चाहता था।
घटना का पूरा विवरण
पुलिस के अनुसार, आरोपी मित्र चैतन्य और हेमलता, जो दोनों पेडपल्ली के रहने वाले हैं, गांजा खरीदने के लिए ओडिशा के पासुपुलंका गए थे। वहां उन्होंने लगभग पांच दिन बिताए और भगवान हंतल नामक व्यक्ति से ₹16,000 में 12 किलो गांजा खरीदा। वे इसे लेकर हैदराबाद की ओर बढ़ रहे थे।
पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की। जब EAGLE Force और Wyra पुलिस ने उन्हें Wyra Ring Centre के पास रोकने का प्रयास किया, तो दंपति ने अपनी पल्सर मोटरसाइकिल को सीधे पुलिस कर्मियों और एक पुलिस वाहन से टकरा दिया। इस हिंसक टकराव में Wyra पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए, जबकि मोटरसाइकिल से गिरने के कारण दोनों आरोपी भी चोटिल हो गए।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह घटना न केवल नशीली दवाओं के बढ़ते अवैध व्यापार को दर्शाती है, बल्कि युवाओं में क्षणिक सुख और भौतिकवादी वस्तुओं के लिए अपराध की ओर बढ़ने की खतरनाक प्रवृत्ति को भी उजागर करती है। अपराध का उद्देश्य इतना तुच्छ होना समाज में नैतिक पतन का संकेत है।
नशे के व्यापार के लिए हिंसा का सहारा लेना पुलिस सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है।
जांच में यह भी पता चला है कि इस तस्करी नेटवर्क में करीमनगर के शशि और पेड्डपल्ली के ऑटो चालक एमडी नागुल भी शामिल थे, जो हैदराबाद में माल प्राप्त करने वाले थे। फिलहाल ये सभी आरोपी फरार हैं।
आरोपी मित्र चैतन्य का आपराधिक इतिहास भी काफी पुराना है। उस पर पहले भी NDPS Act के तहत कई मामले दर्ज हो चुके हैं और वह हाल ही में अप्रैल 2026 में जेल से छूटा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
Frequently Asked Questions
1. आरोपी क्या तस्करी कर रहे थे?
आरोपी 12 किलोग्राम गांजा तस्करी कर रहे थे जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹6 लाख बताई जा रही है।
2. पुलिस पर हमला क्यों किया गया?
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपनी मोटरसाइकिल पुलिस कर्मियों और वाहन से टकरा दी।