प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के कोझिकोड और पलक्कड़ में हाइब्रिड गांजा तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की है। यह मामला थाईलैंड से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध धन हस्तांतरण से जुड़ा है।
- ED ने केरल के कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों में छापेमारी की।
- यह मामला थाईलैंड से हाइब्रिड गांजा तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
- आरोपियों पर FEMA उल्लंघन और अवैध धन हस्तांतरण का भी संदेह है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को केरल के कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों में एक बड़े ऑपरेशन के तहत कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई थाईलैंड से हाइब्रिड गांजा तस्करी के माध्यम से होने वाले मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) मामले की जांच के हिस्से के रूप में की गई है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी अबू ताहिर, हरिकृष्णन, जगत और जैसल जैसे मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर की जा रही है। यह मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी का खुलासा किया, जिसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया।
मामले की पृष्ठभूमि
इस पूरे प्रकरण की जड़ें जून 2026 में छिपी हैं, जब एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने पेरुम्बावूर से लगभग 18 किलोग्राम हाइब्रिड गांजा बरामद किया था। इस खेप की कीमत लगभग ₹18 करोड़ आंकी गई थी। हाइब्रिड गांजा, जिसे हाइड्रोपोनिक तकनीकों का उपयोग करके उगाया जाता है, मुख्य रूप से थाईलैंड से केरल लाया जा रहा है। पुलिस ने इस रैकेट में शामिल नौ अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल नशीली दवाओं की तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों के एक जटिल नेटवर्क को उजागर करता है। थाईलैंड और भारत के बीच अवैध चैनलों के माध्यम से धन का हस्तांतरण यह दर्शाता है कि ड्रग सिंडिकेट्स अब वैश्विक स्तर पर संगठित हैं।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स अब हाइड्रोपोनिक तकनीक और जटिल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का उपयोग कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
जांच एजेंसी न केवल PMLA के तहत, बल्कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के कोण से भी इस मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने तस्करी के लिए वाहक (carriers) किराए पर लिए थे और उन्हें वीजा और नकद राशि प्रदान की थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गिरोह के कुछ प्रमुख सदस्य अभी भी थाईलैंड में छिपे हुए हैं। भारतीय पुलिस और ED दोनों ही उन्हें भारत वापस लाने के लिए कानूनी और राजनयिक प्रयास कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. हाइब्रिड गांजा क्या है?
यह वह गांजा है जिसे हाइड्रोपोनिक तकनीक का उपयोग करके नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है, जिससे इसकी गुणवत्ता बहुत अधिक होती है।
2. ED इस मामले में क्या जांच कर रही है?
ED नशीली दवाओं की बिक्री से प्राप्त अवैध धन को थाईलैंड भेजने और FEMA नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।