मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के डीजीपी को निर्देश दिया है कि वह यह बताने वाला रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि राज्य भर के पुलिस थानों में सीसीटीवी फुटेज 18 महीने तक सुरक्षित रखा जा रहा है या नहीं। मामले को 10 सितंबर 2026 को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित किया गया।

  • Madras High Court ने तमिलनाडु DGP को रिपोर्ट देने का आदेश दिया
  • सुप्रीम कोर्ट ने 18 महीने की सीसीटीवी संग्रह अवधि अनिवार्य की
  • सुनवाई 10 सितंबर 2026 को निर्धारित

कोर्ट का आदेश

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि राज्य के सभी पुलिस थानों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सुप्रीम कोर्ट के 18‑महीने के संरक्षण आदेश के अनुसार रखा गया है या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट का मूल आदेश

2023 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फ़ैसला दिया, जिसमें सभी राज्य पुलिस स्टेशनों को यह अनिवार्य किया गया कि वे सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी या जांच संबंधी मामले में साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सके।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सीसीटीवी का उपयोग पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ा है। 2018 में, कई राज्यों ने समान अवधि के लिए रिकॉर्डिंग संग्रह को अनिवार्य किया, लेकिन पालन में अंतर रहा। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में एक सख्त समय-सीमा निर्धारित की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that non‑compliance not only undermines judicial oversight but also erodes public trust in law‑enforcement agencies, especially in a politically sensitive state like Tamil Nadu.

"यदि सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया, तो न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर छिद्र उत्पन्न हो सकते हैं," कहा वरिष्ठ आपराधिक विधि विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: भारत में सबसे बड़ी सार्वजनिक सीसीटीवी नेटवर्क में लगभग 2.5 मिलियन कैमरे शामिल हैं, जो विश्व में पाँचवें स्थान पर है।

आगे की कार्यवाही

हाई कोर्ट ने इस मामले को 10 सितंबर 2026 को पुनः सुनवाई के लिए निर्धारित किया है। यदि DGP द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में अनुपालन की कमी सिद्ध होती है, तो कोर्ट अतिरिक्त दंड या सुधारात्मक आदेश जारी कर सकता है।

Frequently Asked Questions

Q1: सुप्रीम कोर्ट ने 18‑महीने की अवधि क्यों निर्धारित की?

सुप्रीम कोर्ट ने यह अवधि इसलिए तय की ताकि लंबी अवधि के अपराधों या जांचों में भी साक्ष्य उपलब्ध रहे और न्याय प्रक्रिया में बाधा न आए।

Q2: यदि DGP अनुपालन नहीं दिखाता तो क्या परिणाम होंगे?

कोर्ट संभावित रूप से दंड, निगरानी आयोग की नियुक्ति या आदेश के कड़ाई से पालन के लिए अन्य सुधारात्मक कदम ले सकता है।