संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने वाले मोहजीत सिंह ने पुलिस हिरासत में गंभीर टॉर्चर का आरोप लगाया है। पुलिस ने इन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि युवक के खिलाफ पुराने आपराधिक मामले और नशा करने का दावा किया जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने पर मोहजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया।
  • पीड़ित ने पुलिस पर दाढ़ी-मूंछ अपमानित करने और शरीर पर ब्लेड से चोट पहुँचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
  • पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ 8 FIR दर्ज हैं और उसका नशा परीक्षण (dope test) पॉजिटिव आया है।
  • विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पंजाब के संगरूर जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने राज्य की कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 37 वर्षीय मोहजीत सिंह, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था, ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया।

घटना 2 सितंबर की है, जब संगरूर के शेरोन गांव में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम चल रहा था। मोहजीत सिंह ने एक पड़ोसी के घर की छत से मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और काला झंडा दिखाया। उसका उद्देश्य सरकार के नशा विरोधी दावों पर सवाल उठाना था। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया, जिसके बाद अब वह सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक विरोध प्रदर्शन का नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों और पुलिस की कार्यप्रणाली के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक है। यदि पुलिस द्वारा प्रताड़ना के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पंजाब की कानून व्यवस्था पर एक बड़ा दाग होगा। वहीं, आरोपी का आपराधिक इतिहास इस मामले को जटिल बनाता है।

'नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन पुलिस द्वारा हिरासत में प्रताड़ना लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है।'

मोहजीत सिंह ने अस्पताल से भावुक होते हुए बताया कि DSP हरinder सिंह खैरा और अन्य पुलिसकर्मियों ने न केवल उसे पीटा, बल्कि उसकी धार्मिक पहचान (दाढ़ी और बाल) का भी अपमान किया। उसने आरोप लगाया कि उसके जांघों पर ब्लेड से घाव किए गए और उन पर नमक छिड़का गया।

दूसरी ओर, संगरूर पुलिस का रुख काफी अलग है। SSP रजोत कौर ग्रेवाल ने स्पष्ट किया कि मोहजीत का नशा परीक्षण (dope test) पॉजिटिव आया है। पुलिस का कहना है कि मोहजीत पर पहले से ही हत्या के प्रयास सहित 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। हालांकि, पुलिस ने टॉर्चर के आरोपों की जांच के लिए SP मुख्यालय को आदेश दे दिए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पंजाब पिछले कई वर्षों से नशे की समस्या से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने इसे खत्म करने का बड़ा वादा किया था, लेकिन विपक्ष अक्सर आरोप लगाता है कि जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। मोहजीत सिंह जैसे लोग, जो स्वयं नशा मुक्ति अभियान से जुड़े रहे हैं, अक्सर इसी मुद्दे को उठाते रहे हैं।

Did You Know?: भारतीय कानून के तहत, पुलिस हिरासत में किसी भी व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना एक दंडनीय अपराध है और इसके खिलाफ मानवाधिकार आयोग में शिकायत की जा सकती है।

Frequently Asked Questions

1. मोहजीत सिंह ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
मोहजीत ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने, धार्मिक अपमान करने और शरीर पर ब्लेड से चोट पहुँचाने का आरोप लगाया है।

2. पुलिस का इस मामले में क्या कहना है?
पुलिस का कहना है कि आरोपी नशे की हालत में था, उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और टॉर्चर के आरोपों की जांच की जा रही है।