ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए भीषण इमारत हादसे के बाद से फरार चल रहे मालिक हरिराम गुप्ता को पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है।

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  • सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे का आरोपी हरिराम गुप्ता राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार।
  • हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, कई घायल हैं।
  • मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले 5 अधिकारियों को निलंबित किया है।

नई दिल्ली: ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए हृदयविदारक इमारत हादसे के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ढही हुई बहुमंजिला इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। हादसा होने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचकर फरार चल रहा था।

दिल्ली पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें इस मामले की जांच कर रही थीं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पालम विहार स्थित उसके निवास पर छापेमारी की गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं था। पुलिस को अंदेशा था कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप उसे भिवाड़ी में दबोचा जा सका।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस तरह के हादसे शहरी नियोजन और बिल्डिंग सुरक्षा मानकों की गंभीर विफलता को दर्शाते हैं। इमारत के मालिक का फरार होना यह संकेत देता है कि वह संभावित कानूनी कार्रवाई और आपराधिक उत्तरदायित्व से भागना चाहता था। यह मामला दिल्ली में पीजी (Paying Guest) आवासों की सुरक्षा और उनके नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

इमारत के मालिक की गिरफ्तारी इस मामले में आपराधिक लापरवाही की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

गौरतलब है कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन में स्थित यह बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस इमारत में एक पीजी (PG) संचालित किया जा रहा था, जिसमें कई छात्र रह रहे थे। इस भीषण हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इस मामले में बड़ी लापरवाही बरतने वाले 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में शामिल हैं:

  • राकेश कुमार (डिप्टी कमिश्नर, MCD साउथ जोन)
  • रणवीर सिंह (SE, साउथ जोन)
  • ललित कुमार (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, साउथ जोन)
  • सुनील चौहान (असिस्टेंट इंजीनियर, साउथ जोन)
  • आशीष कुमार (जूनियर इंजीनियर, साउथ जोन)
Did You Know?: दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध निर्माण और बिल्डिंग स्ट्रक्चर की अनदेखी अक्सर ऐसे बड़े हादसों का मुख्य कारण बनती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सत्य निकेतन हादसा कब हुआ था?
उत्तर: यह हादसा 6 सितंबर को ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ था।

प्रश्न 2: आरोपी हरिराम गुप्ता को कहां से पकड़ा गया?
उत्तर: पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है।