केरल के कोझिकोड में एक जिम ट्रेनर को नाबालिग लड़की को नशीला पदार्थ पिलाकर यौन शोषण करने और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

  • कोझिकोड के कोलाक्कड़ निवासी 25 वर्षीय जिम ट्रेनर रिषाद को गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपी ने नाबालिग को नशीला पदार्थ पिलाकर वायनाड के एक विला में यौन शोषण किया।
  • पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

केरल के कोझिकोड जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 25 वर्षीय जिम ट्रेनर को नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान कोलाक्कड़, अठोली के निवासी रिषाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर उसका फायदा उठाया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।

जांच में पता चला है कि आरोपी, जो पीड़िता का व्यक्तिगत जिम ट्रेनर था, ने पहले उसके घर जाकर उसे अर्ध-नग्न तस्वीरें खींचने के लिए मजबूर किया। इसके बाद, उसने उन तस्वीरों को मॉर्फ (बदलना) करके अश्लील बनाया और पीड़िता को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। यह सिलसिला तब और भयावह हो गया जब आरोपी उसे कार में वायनाड के वायथिरी स्थित एक विला में ले गया।

घटना का क्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पीने के लिए मजबूर किया। जब लड़की अर्ध-चेतन अवस्था में आ गई, तब आरोपी ने उसका यौन शोषण किया और मोबाइल फोन पर उसके नग्न वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

अपराधियों द्वारा विश्वास का दुरुपयोग और डिजिटल ब्लैकमेलिंग समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, एलाथुर पुलिस ने एक विशेष दस्ते का गठन किया। सब-इंस्पेक्टर निमिन के. दिवाकरन और शमिल के नेतृत्व में टीम ने रविवार को अठोली में आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अठोली, अंडीकोड और तिरुवांगूर क्षेत्रों में व्यक्तिगत फिटनेस कोच के रूप में काम करता था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि फिटनेस और वेलनेस कोच जैसे विश्वसनीय पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा किया गया यह अपराध बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल गोपनीयता के लिए एक बड़ा खतरा है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे अपराधी तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके पीड़ितों को ब्लैकमेल करते हैं।

Did You Know?: पॉक्सो (POCSO) अधिनियम को बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए विशेष रूप से कड़े प्रावधानों के साथ बनाया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: आरोपी पर कौन सी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है?
उत्तर: आरोपी पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

प्रश्न 2: आरोपी कहाँ काम करता था?
उत्तर: आरोपी अठोली, अंडीकोड और तिरुवांगूर क्षेत्रों में जिम ट्रेनर के रूप में कार्यरत था।