नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बेंगलुरु में ड्रग तस्करी और अवैध निवास के संदेह में पांच विदेशी नागरिकों को पकड़ा है। यह ऑपरेशन शहर से नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के एजेंसी के साल भर के अभियान का हिस्सा है।

  • के.आर. पुरम और कम्मनहल्ली क्षेत्रों से पांच विदेशी नागरिक पकड़े गए।
  • संदिग्धों के पास कोई वैध रोजगार या शिक्षा का प्रमाण नहीं मिला।
  • NCB ने मकान मालिकों को चेतावनी दी कि विदेशी किरायेदारों के लिए Form-C भरना अनिवार्य है।

बेंगलुरु शहर पुलिस के साथ एक समन्वित अभियान में, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में पांच विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। सितंबर के पहले सप्ताह में चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान के.आर. पुरम और कम्मनहल्ली इलाकों से इन संदिग्धों को पकड़ा गया।

NCB के अनुसार, इन व्यक्तियों को पकड़ने से पहले उन पर गुप्त निगरानी रखी गई थी। निगरानी से पता चला कि वे किसी भी वैध व्यवसाय, नौकरी या शैक्षणिक गतिविधि में शामिल नहीं थे, जिससे उनके ड्रग तस्करी में शामिल होने का संदेह गहरा गया। हालांकि उनकी पहचान की पुष्टि हो गई है, लेकिन उनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु की ग्लोबल टेक हब वाली छवि ने अनजाने में एक ऐसा माहौल बना दिया है जिसका फायदा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट उठा रहे हैं। 'स्लीपर सेल्स'—यानी वे लोग जो बिना किसी औपचारिक पहचान के अवैध रूप से रह रहे हैं—को निशाना बनाकर NCB शहर में विदेशी ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

निगरानी-आधारित धरपकड़ यह दर्शाती है कि NCB अब केवल ड्रग्स जब्त करने के बजाय तस्करी के रास्तों को पहले ही रोकने की रणनीति अपना रहा है।

इन पांचों व्यक्तियों को विदेशी अधिनियम, 1946 (Foreigners Act, 1946) के तहत कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसके बाद उन्हें देश से वापस भेजने (deportation) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कार्रवाई NCB के 'विजन डॉक्यूमेंट' के तहत चलाए जा रहे साल भर के अभियान का हिस्सा है।

एजेंसी ने मकान मालिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 7 के अनुसार, मकान मालिकों को विदेशी किरायेदारों का विवरण 24 घंटे के भीतर Form-C के माध्यम से पुलिस या FRRO को देना अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने वालों को धारा 14 के तहत पांच साल तक की जेल हो सकती है।

NCB बेंगलुरु जोनल यूनिट ने बताया कि साल 2026 में अब तक आठ विदेशी नागरिकों (सात अफ्रीकी और एक यमनी नागरिक) को अवैध निवास और ड्रग तस्करी के संदेह में वापस भेजा जा चुका है।

क्या आप जानते हैं?: MANAS नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन (1933) एक समर्पित पोर्टल है जिसके माध्यम से नागरिक भारत में कहीं भी ड्रग्स की बिक्री या तस्करी की गुप्त सूचना दे सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: Form-C क्या है और यह क्यों जरूरी है?
Form-C एक अनिवार्य पंजीकरण फॉर्म है जिसे मकान मालिकों को विदेशी किरायेदारों के विवरण के साथ FRRO या स्थानीय पुलिस को जमा करना होता है ताकि विदेशियों की कानूनी ट्रैकिंग हो सके।

प्रश्न 2: नियमों की अनदेखी करने वाले मकान मालिकों को क्या सजा हो सकती है?
विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों पर आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है और उन्हें पांच साल तक की कैद हो सकती है।