साइबरबाद पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने होटलों, बार और पब मालिकों को लाइसेंस नियमों और संचालन मानदंडों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
- पब, बार और हुक्का केंद्रों को लाइसेंसिंग नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
- राजनीतिक संबंधों का दावा करने वाले अराजक ग्राहकों के खिलाफ कोई विशेष रियायत नहीं दी जाएगी।
- नशीले पदार्थों की बिक्री और नाबालिगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध।
- हुक्का केंद्रों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 7 साल तक की जेल हो सकती है।
साइबरबाद के पुलिस कमिश्नर एम. रमेश ने सोमवार को होटलों, बार, रेस्तरां, पब और हुक्का केंद्रों के मालिकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी प्रतिष्ठान लाइसेंसिंग और संचालन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नर रमेश ने जोर देकर कहा कि सभी प्रतिष्ठानों के पास अग्नि विभाग, CMC, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और नगर नियोजन विभाग सहित सभी आवश्यक अनुमतियां और लाइसेंस होने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि CPPMS पोर्टल के माध्यम से जारी लाइसेंसों का समय पर नवीनीकरण करना अनिवार्य है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में व्यवसाय संचालित होने के बावजूद आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों की संख्या कम प्रतीत होती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि साइबरबद पुलिस का यह कदम न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि यह अनधिकृत व्यवसायों और अवैध गतिविधियों (जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी) पर अंकुश लगाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह शहरी प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
"कानून सभी के लिए समान है; राजनीतिक रसूख का हवाला देकर नियमों को तोड़ने वालों को कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी," - पुलिस कमिश्नर एम. रमेश।
बैठक के दौरान, व्यवसाय मालिकों ने विभिन्न विभागों से लाइसेंस प्राप्त करने की अलग-अलग समयसीमाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। इसके जवाब में, कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए इन मुद्दों को हल करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पब और बार को निर्धारित समय पर बंद करना होगा और बंद होने के घंटों के बाद शराब की बिक्री जैसे किसी भी कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर्मचारियों का आधार सत्यापन और पहचान दस्तावेज वैध हों, और किसी भी नाबालिग को काम पर रखना या बार/रेस्तरां में प्रवेश देना सख्त वर्जित है। हुक्का केंद्रों के संबंध में, उन्होंने याद दिलाया कि तेलंगाना में हुक्का गतिविधियों पर प्रतिबंध है और COTPA प्रावधानों के उल्लंघन पर ₹2 लाख तक का जुर्माना और 7 साल तक की कैद हो सकती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि कोई ग्राहक राजनीतिक संबंध होने का दावा करके बदतमीजी करता है, तो पुलिस क्या करेगी?
उत्तर: पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ग्राहकों के साथ कोई विशेष व्यवहार नहीं किया जाएगा और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
प्रश्न 2: हुक्का केंद्रों के लिए क्या दंड निर्धारित है?
उत्तर: हुक्का गतिविधियों पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर ₹2 लाख तक का जुर्माना और 7 साल तक की जेल हो सकती है।