अट्टपडी में एक महिला और उसकी पांच साल की बेटी के शव बोरे में भरकर भवानी नदी में फेंके जाने के बाद पुलिस अब पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर की तलाश कर रही है।

  • एक महिला और उसकी 5 वर्षीय बेटी की हत्या कर शव भवानी नदी में फेंके गए।
  • पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर (पति) को मुख्य संदिग्ध माना है।
  • हत्या का कारण कथित तौर पर पति का शक और घरेलू विवाद बताया जा रहा है।
  • बिरयानी चावल के बोरों के जरिए पुलिस संदिग्ध तक पहुँचने में सफल रही।

अट्टपडी की शांति उस समय भंग हो गई जब रविवार दोपहर पुथुर-चीरक्कडावु क्षेत्र में भवानी नदी के घटते जलस्तर के कारण दो बोरे तैरते हुए मिले। जब पुलिस ने इन बोरों को खोला, तो अंदर एक महिला और उसकी पांच साल की मासूम बेटी के क्षत-विक्षत शव मिले, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य संदिग्ध महिला का पति है, जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और यहाँ एक प्लांटेशन वर्कर के रूप में काम करता था। यह परिवार लगभग 20 दिन पहले ही काम की तलाश में अट्टपडी आया था। जांच अधिकारियों का संदेह है कि पति को अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था, जिसके कारण उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे और इसी विवाद ने इस जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया।

फोरेंसिक सबूत और जांच

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सुराग वे बोरे बने जिनमें शवों को भरा गया था। ये बोरे बिरयानी चावल के एक विशेष ब्रांड के थे, जो केरल और तमिलनाडु में बेचे जाते हैं। पुलिस ने इन बोरों का पीछा करते हुए कोट्टाथरा की एक किराने की दुकान का पता लगाया, जिसे कोयंबटूर से आपूर्ति मिलती थी। दुकान के सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड्स की जांच के बाद पुलिस का शक उस प्रवासी मजदूर पर गहरा गया।

शवों को जिस तरह से काट कर पैक किया गया, वह अपराधी की क्रूरता और अपराध को छिपाने की सोची-समझी साजिश को दर्शाता है।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हत्या के लिए लकड़ी काटने वाले किसी तेज हथियार का उपयोग किया गया था। दोनों पीड़ितों की गर्दन पर गहरे घाव थे। पुलिस का मानना है कि शवों को कमर से मोड़ा गया, प्लास्टिक शीट में लपेटा गया और फिर तीन अलग-अलग बोरों में भरकर नदी में फेंक दिया गया। एक बोरे में केवल सिर मिले, जबकि अन्य दो में शरीर के हिस्से थे।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा और अलग-थलग प्लांटेशन क्षेत्रों में घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर करती है। यह मामला यह भी दिखाता है कि कैसे आधुनिक पुलिसिंग में डिजिटल फुटप्रिंट्स (CCTV) और सप्लाई चेन ट्रैकिंग ग्रामीण इलाकों में भी अपराधियों को पकड़ने में निर्णायक साबित हो रहे हैं।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए थ्रिस्सूर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल आरोपी पति लापता है और आशंका है कि वह वापस पश्चिम बंगाल भाग गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस अपराध में उसे किसी और ने मदद की थी।

क्या आप जानते हैं?: भवानी नदी कावेरी नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है, जो पश्चिमी तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में सिंचाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अट्टपडी हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध कौन है?
मुख्य संदिग्ध महिला का पति है, जो पश्चिम बंगाल का एक प्रवासी मजदूर है और फिलहाल फरार है।

पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कैसे की?
पुलिस ने उन चावल के बोरों को ट्रैक किया जिनमें शव मिले थे। कोट्टाथरा की एक दुकान के सीसीटीवी और रिकॉर्ड्स के जरिए आरोपी की पहचान संभव हो पाई।