पश्चिम बंगाल राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक लग्जरी SUV के दोषपूर्ण ऑडियो सिस्टम और खराब आफ्टर-सेल्स सर्विस के मामले में कंपनी को 1.5 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। हालांकि, आयोग ने कार को बदलने या रिफंड की मांग को खारिज कर दिया।
- ₹53.72 लाख की लग्जरी SUV के ऑडियो सिस्टम में खराबी के बाद उपभोक्ता ने कानूनी लड़ाई लड़ी।
- पश्चिम बंगाल राज्य उपभोक्ता आयोग ने आफ्टर-सेल्स सर्विस में कमी मानते हुए ₹1.5 लाख का मुआवजा दिया।
- कोर्ट ने कार को पूरी तरह से 'मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्टिव' मानने से इनकार किया और रिफंड की मांग खारिज की।
एक लग्जरी SUV खरीदने का सपना तब तनाव में बदल गया जब Zeniak Innovation India Limited द्वारा खरीदी गई ₹53.72 लाख की कार के ऑडियो सिस्टम ने शोरूम से निकलते ही काम करना बंद कर दिया। यह मामला अब पश्चिम बंगाल राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग तक पहुँचा, जहाँ उपभोक्ता ने कार को बदलने या पूरी राशि वापस करने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायिक सदस्य राजेश गुहा राय और सदस्य सतानु सहा ने पाया कि उपभोक्ता ने डिलीवरी के तुरंत बाद, 8 अगस्त 2019 को ही ईमेल के जरिए ऑडियो समस्या की शिकायत की थी। कार को कई बार वर्कशॉप ले जाया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला। आयोग ने स्पष्ट किया कि एक प्रीमियम वाहन खरीदने वाला ग्राहक सक्षम निदान और प्रभावी वारंटी सेवा का हकदार है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला लग्जरी कार ब्रांड्स के लिए एक चेतावनी है। अक्सर कंपनियां वारंटी के तहत पुर्जे बदल देती हैं, लेकिन ग्राहक की संतुष्टि और समस्या के पूर्ण समाधान (Objective Diagnostic Confirmation) को नजरअंदाज करती हैं। यह फैसला स्थापित करता है कि केवल पुर्जे बदलना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सर्विस की गुणवत्ता भी मायने रखती है।
"उपभोक्ता अधिकारों का संरक्षण केवल रिफंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेवा प्रदाता की जवाबदेही और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने के बारे में भी है।"
आयोग ने एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर स्पष्ट किया। कोर्ट ने कहा कि ऑडियो सिस्टम में खराबी एक 'घटक दोष' (Component Defect) है, न कि पूरी कार का 'विनिर्माण दोष' (Manufacturing Defect)। चूंकि कोई स्वतंत्र ऑटोमोटिव इंजीनियर रिपोर्ट या लैब विश्लेषण यह साबित नहीं कर पाया कि पूरी कार ही खराब है, इसलिए रिफंड या रिप्लेसमेंट की मांग को खारिज कर दिया गया।
अंततः, आयोग ने Lexus Motors Limited को आदेश दिया कि वे सेवा में कमी के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा और 50,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में भुगतान करें। साथ ही, कंपनी को ऑडियो समस्या को ठीक करने का एक अंतिम अवसर दिया गया है।
Frequently Asked Questions
1. क्या उपभोक्ता को पूरी कार का रिफंड मिला?
नहीं, आयोग ने रिफंड की मांग खारिज कर दी क्योंकि यह साबित नहीं हुआ कि पूरी कार में कोई गंभीर विनिर्माण दोष था।
कोर्ट ने कुल 1.5 लाख रुपये (1 लाख मुआवजा + 50 हजार कानूनी खर्च) देने का आदेश दिया।