त्रिशूर के कुन्ननकुलम में मक़कालिक्कावु भगवती मंदिर से 50 साल से अधिक पुरानी 15 किग्रा पैंचालोहा की मूर्ति चोरी हो गई। चोर ने सीसीटीवी कैमरा को रेशमी कपड़े से ढक कर चोरी की, जिसका पता सुबह पुजारी को मंदिर खोलते ही चला। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पिछले सप्ताह के समान चोरी से जुड़ाव की जांच कर रही है।

  • 50 साल से अधिक पुरानी 15 kg पैंचालोहा की मूर्ति चोरी
  • चोर ने सीसीटीवी कैमरा को रेशमी कपड़े से ढक दिया
  • पुलिस ने पिछले वज़हापिल्ली मंदिर चोरी से जुड़ाव की जांच शुरू की

घटना का विवरण

त्रिशूर जिले के कुन्ननकुलम में स्थित मक़कालिक्कावु भगवती मंदिर के श्रीयकुल में गुरुवार रात 15 किलोग्राम वजन की पैंचालोहा मूर्ति चोरी कर ली गई। यह मूर्ति 50 साल से अधिक पुरानी मानी जाती है और स्थानीय समुदाय के लिए धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखती है।

कैसे हुआ चोरी

साक्ष्य के अनुसार, चोर ने मंदिर के कार्यालय से श्रीयकुल की चाबी ली, श्रीयकुल को खोलकर मूर्ति को निकाल लिया और सीसीटीवी कैमरे को रेशमी कपड़े से ढक दिया, जिससे चोरी के दौरान कोई रिकॉर्ड नहीं बना। अगले दिन सुबह पुजारी जब मंदिर खोलने पहुंचे, तो इस चोरी का पता चला।

पुलिस की कार्रवाई

कुन्ननकुलम पुलिस ने तुरंत स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। परिसर की विस्तृत जांच चल रही है, और कैमरा फुटेज से संभावित संकेतों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने यह भी जांचना शुरू किया है कि क्या यह चोरी वज़हापिल्ली परिवार के मंदिर में हाल ही में हुई 4‑gram सोने की थाली की चोरी से जुड़ी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पैंचालोहा (पांच धातुओं) की मूर्तियां दक्षिण भारत की मंदिर कला में सदियों से प्रयुक्त होती आई हैं। ये धातुएँ (सोना, चांदी, तांबा, लोहा, जस्ता) का मिश्रण न केवल कलात्मक मूल्य रखती हैं, बल्कि धार्मिक मान्यताओं में भी विशेष महत्व रखती हैं। इस प्रकार की मूर्तियों की चोरी अक्सर स्थानीय समुदाय में गहरी आघात उत्पन्न करती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the theft underscores growing security lapses in heritage sites across Kerala, prompting a call for advanced surveillance and community vigilance to protect cultural assets.

"धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना चाहिए, अन्यथा हम अपनी सांस्कृतिक पहचान खो देंगे।" – डॉ. अनीता राज, सांस्कृतिक संरक्षण विशेषज्ञ
Did You Know?: पैंचालोहा मूर्तियों को प्राचीन काल में "देवों की श्वास" माना जाता था और इन्हें अक्सर मंदिर के मुख्य गर्भ में रखा जाता था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या पुलिस ने चोरी के किसी संदिग्ध को पहचाना है?

उत्तर: अभी तक कोई ठोस संकेत नहीं मिला है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज से संभावित पहचान पर काम चल रहा है।

प्रश्न 2: इस तरह की भविष्य की चोरी को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?

उत्तर: उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, अलार्म सिस्टम और स्थानीय समुदाय की सतर्कता को बढ़ावा देना आवश्यक है।