बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम्स अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री से 15 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹5.25 करोड़ आंकी गई है।

  • बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ₹5.25 करोड़ मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया।
  • आरोपी सूरज सूर्यवंशी बैंकॉक से थाई एयरवेज की उड़ान से बेंगलुरु पहुंचा था।
  • कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने इस तस्करी को सफलतापूर्वक पकड़ा।
  • आरोपी के खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी को नाकाम कर दिया है। अधिकारियों ने टर्मिनल 2 पर एक भारतीय यात्री के पास से 15 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹5.25 करोड़ बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए यात्री की पहचान सूरज सूर्यवंशी के रूप में हुई है। वह बैंकॉक से थाई एयरवेज की उड़ान TG 325 से 10 सितंबर को रात लगभग 11:55 बजे बेंगलुरु पहुंचा था। हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच और गहन निरीक्षण के दौरान, AIU टीम को यात्री के सामान में संदिग्ध सामग्री मिली, जिसकी जांच करने पर वह उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा निकला।

तस्करी का तरीका और कानूनी कार्रवाई

हाइड्रोपोनिक तकनीक का उपयोग करके उगाया गया गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक शक्तिशाली और महंगा होता है, जो अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपी को 11 सितंबर की सुबह लगभग 9:20 बजे यात्री टर्मिनल बिल्डिंग से हिरासत में लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। पुलिस और कस्टम्स विभाग अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर हाइड्रोपोनिक नशीले पदार्थों की तस्करी में वृद्धि हुई है। यह न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि तस्कर अब अधिक उन्नत कृषि तकनीकों का उपयोग करके उच्च मूल्य वाले उत्पादों को लक्षित कर रहे हैं।

बढ़ती अंतरराष्ट्रीय तस्करी और हाइड्रोपोनिक नशीले पदार्थों का उपयोग सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
Did You Know?: हाइड्रोपोनिक खेती में मिट्टी के बिना, केवल पोषक तत्वों से भरपूर पानी का उपयोग करके पौधे उगाए जाते हैं, जिससे नशीले पदार्थों की शुद्धता और शक्ति बढ़ जाती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पकड़ा गया गांजा कितना महंगा है?
उत्तर: जब्त किए गए 15 किलो हाइड्रोपोनिक गांजे की अनुमानित कीमत ₹5.25 करोड़ है।

प्रश्न 2: आरोपी कहाँ से आ रहा था?
उत्तर: आरोपी बैंकॉक, थाईलैंड से थाई एयरवेज की उड़ान द्वारा बेंगलुरु आ रहा था।