कोयंबटूर में रेलवे ट्रैक पर पत्थर (बैलास्ट) बिछाने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तीन बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। बच्चों ने बताया कि उन्होंने मछली पकड़ने के दौरान खेल-खेल में यह काम किया था।

  • कोयंबटूर के करमडई और कोयंबटूर नॉर्थ स्टेशनों के बीच ट्रैक पर पत्थर रखे गए थे।
  • CCTV फुटेज के आधार पर 10, 12 और 13 वर्ष के तीन बच्चों की पहचान की गई।
  • बच्चों का कहना है कि उन्होंने बिना किसी बुरे परिणाम को जाने यह काम किया था।
  • RPF ने बच्चों के माता-पिता को नोटिस जारी कर बुलाया है।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रेलवे ट्रैक की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तीन नाबालिग बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह घटना 26 अगस्त को करमडई और कोयंबटूर नॉर्थ रेलवे स्टेशनों के बीच के ट्रैक पर हुई थी, जहाँ ट्रैक पर भारी मात्रा में पत्थर (बैलास्ट) बिछा दिए गए थे।

RPF के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिससे तीन बच्चों की पहचान संभव हो सकी। 8 सितंबर को इन बच्चों से उनके बयान दर्ज किए गए। पूछताछ में पता चला कि ये बच्चे महज 10, 12 और 13 वर्ष के हैं।

घटना का विवरण

बच्चों द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, वे चेरन नगर स्थित ब्रिंडवन स्कूल के पास एक जलधारा (stream) में मछली पकड़ने गए थे। जब उन्होंने देखा कि पानी बहुत कम है, तो वे वापस लौट आए। खाली समय बिताने या खेल-खेल में, उन्होंने रेलवे ट्रैक के लगभग 50 मीटर के हिस्से पर दोनों ओर पत्थर बिछा दिए।

रेलवे ट्रैक पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह भीषण रेल दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना बच्चों में सुरक्षा जागरूकता की कमी और रेलवे ट्रैक के आसपास की गतिविधियों के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। हालांकि बच्चों का इरादा नुकसान पहुँचाने का नहीं था, लेकिन इस तरह की हरकतें हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं, जिससे पटरियों के संतुलन में गड़बड़ी हो सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर पटरियों के बीच 'बैलास्ट' (पत्थर) का उपयोग पटरियों को स्थिर रखने और भार को समान रूप से वितरित करने के लिए किया जाता है। यदि इन पत्थरों के साथ छेड़छाड़ की जाती है, तो यह ट्रेन के पटरी से उतरने (derailment) का मुख्य कारण बन सकता है।

Did You Know?: रेलवे ट्रैक के पास पत्थर बिछाना या हटाना भारतीय रेलवे अधिनियम के तहत एक दंडनीय अपराध है।

Frequently Asked Questions

1. बच्चों ने ट्रैक पर पत्थर क्यों रखे थे?
बच्चों ने बताया कि वे मछली पकड़ने गए थे और पानी कम होने के कारण खाली समय में खेल-खेल में यह काम किया।

2. RPF ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
RPF ने बच्चों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके माता-पिता को कानूनी प्रक्रिया के लिए नोटिस जारी किया है।