तिरुनेलवेली रेलवे जंक्शन पर एनआईबी‑सीआईडी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में दो उत्तर भारतीय यात्रियों के बर्तनों में छिपा 54 किग्रा सूखा गांजा बरामद किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच जारी है।
- तिरुनेलवेली जंक्शन पर 54 किग्रा गांजा बरामद
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा के दो यात्रियों को गिरफ्तार
- एनआईबी‑सीआईडी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई
घटना का विवरण
शनिवार रात लगभग 10 बजे, चेन्नई इग्मोर‑गुरु वैर एक्सप्रेस के एक एसी कोच को तिरुनेलवेली रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। एनआईबी‑सीआईडी निरीक्षक कार्थिकाई सेल्वी और उपनिरीक्षक एम. शिवराजा के नेतृत्व में आरपीएफ दल ने यात्रियों के बैग की जाँच की।
जाँच में तीन ट्रॉली बैगों के अंदर 54 किग्रा सूखा गांजा छिपा पाया गया। यह मात्रा भारतीय रेलवे के इतिहास में सबसे बड़ी गांजा बरामदियों में से एक है।
संदिग्धों की पहचान एम. सरदार बिस्वास (44), पश्चिम बंगाल के काइज़पारा से और के. उर्मिला साहू (46), ओडिशा से की गई। दोनों ही उत्तर भारतीय यात्रियों ने इस सामान को कोच के भीतर छिपा कर यात्रा की थी।
बरामद माल को तुरंत एनआईबी‑सीआईडी को सौंप दिया गया, जहाँ आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई जारी है। इस मामले में रेल सुरक्षा को कड़ा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that large‑scale drug smuggling on Indian railways exposes gaps in cargo inspection protocols, urging authorities to upgrade surveillance and staff training across the network.
ऐसी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदी भारतीय रेल के सुरक्षा ढाँचे में मौजूदा कमजोरियों को उजागर करती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: गांजा कैसे छिपाया गया था?
उत्तर: तीन ट्रॉली बैगों में, एसी कोच के भीतर, यात्रियों के सामान के साथ।
प्रश्न 2: आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी?
उत्तर: आरोपियों को हिरासत में रखा गया है, एनआईबी‑सीआईडी द्वारा विस्तृत जांच चल रही है और उन्हें दंड के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।