दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान फॉर जस्टिस (SFJ) के सक्रिय कैडर प्रीतपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले दिल्ली में анти-भारत नारे लिखने और ग्राफिटी करने का आरोप है।
- SFJ का सक्रिय सदस्य प्रीतपाल सिंह गिरफ्तार, कानून स्नातक (LLB) है आरोपी।
- BRICS शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली के सिंगू बॉर्डर के पास ग्राफिटी और नारे लिखे गए थे।
- आरोपी पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कुल 7 मामले दर्ज हैं।
- पुलिस को आरोपी के फोन से गुरपतवंत सिंह पन्नून के साथ बातचीत के सबूत मिले हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन Sikh for Justice (SFJ) के कथित 'समर्पित कैडर' प्रीतपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। 31 वर्षीय सिंह, जो एक कानून स्नातक (LLB) है, पर दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले एंटी-BRICS ग्राफिटी और खालिस्तानी नारे लिखने की साजिश रचने का आरोप है।
यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के सिंगू बॉर्डर के पास स्थित गुरु तेघ बहादुर मेमोरियल की दीवारों पर आपत्तिजनक नारे और ग्राफिटी दिखाई दी। पुलिस ने एक व्यापक तलाशी अभियान के बाद प्रीतपाल सिंह के साथ दो अन्य आरोपियों, हरमिंदर सिंह (51) और निरंजन सिंह (35) को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि ये दोनों आरोपी दिल्ली आकर ग्राफिटी करने के बाद वापस पंजाब भाग गए थे।
साजिश का विवरण और वित्तीय लेनदेन
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रीतपाल सिंह ने इन दोनों आरोपियों को काम पूरा करने के लिए 1.5 लाख रुपये देने का वादा किया था। पुलिस का दावा है कि प्रीतपाल 2018 से ही SFJ से जुड़ा हुआ है और उसने ऑनलाइन माध्यम से इस संगठन में प्रवेश किया था। उसे पन्नून के निर्देशों पर पंजाब और हरियाणा में पोस्टर लगाने और अभियान चलाने जैसे काम सौंपे गए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को खालिस्तानी गतिविधियों के लिए डॉलर में विदेशी फंडिंग भी प्राप्त हो रही थी।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना दर्शाती है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग चरमपंथी विचारधाराओं के प्रसार और स्थानीय स्तर पर अशांति फैलाने के लिए किया जा रहा है। आरोपी के मोबाइल फोन से गुरपतवंत सिंह पन्नून के साथ हुई बातचीत के प्रमाण मिले हैं, जो सीधे तौर पर संगठन के नेतृत्व से उसके संबंधों की पुष्टि करते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आपराधिक रिकॉर्ड
प्रीतपाल सिंह का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। वह 2022 में अमृतसर में 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' की बरसी पर खालिस्तानी अभियान चलाने के आरोप में बुक किया गया था। इसके अलावा, 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान पश्चिम दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर नारे लिखने के मामले में उस पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अप्रैल में अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद, वह कथित तौर पर अपनी गतिविधियों में लगा रहा।
Why This Matters
BRICS जैसे वैश्विक मंचों के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिशें भारत की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। यह मामला दिखाता है कि कैसे प्रशिक्षित युवा (कानून स्नातक) भी कट्टरपंथ का शिकार होकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
Frequently Asked Questions
1. प्रीतपाल सिंह पर कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
उस पर भारतीय न्याय संहिता के तहत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकीकरण के प्रतिकूल होने वाले दावों से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
2. क्या पन्नून का इस मामले में सीधा संबंध है?
पुलिस को आरोपी के फोन से पन्नून के साथ बातचीत के सबूत मिले हैं और सोशल मीडिया पर पन्नून का एक कथित वीडियो भी आया है जिसमें उसने प्रीतपाल की गिरफ्तारी की बात स्वीकार की है।