कानपुर के विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बहू शालू मिनोचा के वकील ने पुलिस जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दावा किया गया है कि पुलिस कस्टडी में फोन होने के बावजूद इंस्टाग्राम पर 'लास्ट सीन' सक्रिय दिखा।
- आरोपी शालू मिनोचा के वकील ने पुलिस की डिजिटल जांच पर उठाए सवाल।
- पुलिस के पास फोन होने के बावजूद इंस्टाग्राम पर एक्टिविटी दिखने का दावा।
- पुलिस अब दूसरे मोबाइल की तलाश में जुटी है।
- हत्याकांड में 300 से अधिक कॉल और डिलीट किए गए मैसेज का खुलासा।
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (60) हत्याकांड में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की बहू शालू मिनोचा के वकील, शिवाकांत दीक्षित ने पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता पर गंभीर संदेह जताया है।
वकील का मुख्य आरोप यह है कि जब शालू का मोबाइल फोन पुलिस की कस्टडी में था और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, उस दौरान भी उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 'लास्ट सीन' और ऑनलाइन एक्टिविटी दिखाई दे रही थी। शनिवार सुबह लगभग 10:03 बजे तक अकाउंट सक्रिय दिखा, जो पुलिस की कस्टडी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डिजिटल साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अनधिकृत पहुंच पूरे मामले की दिशा बदल सकती है। यदि आरोपी के पास कोई दूसरा गुप्त मोबाइल था, तो यह पुलिस जांच में एक बड़ी चूक हो सकती है।
डिजिटल एविडेंस के मामले में मोबाइल की कस्टडी और उसकी ऑनलाइन गतिविधि के बीच का अंतर मामले की पूरी तस्वीर बदल सकता है।
कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस सुब्रत (शालू के पति) की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक सुब्रत के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है। डीसीपी वेस्ट के अनुसार, पुलिस अब इस संभावना की जांच कर रही है कि क्या शालू के पास कोई दूसरा फोन भी था।
जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। पुलिस का आरोप है कि शालू ने अपने सह-आरोपियों, विशाल और राज किशोर को घर में छिपाया था। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 1 मई से हत्या के दिन तक शालू और विशाल के बीच 309 बार फोन पर बातचीत हुई और 49 मैसेज भेजे गए, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था।
ऐतिहासिक संदर्भ: डिजिटल साक्ष्य और कानून
आधुनिक आपराधिक जांच में 'डिजिटल फुटप्रिंट्स' सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में, डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज और सोशल मीडिया 'लास्ट सीन' ने कई हाई-प्रोफाइल हत्या के मामलों को सुलझाने या उलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Frequently Asked Questions
1. शालू मिनोचा के वकील का मुख्य आरोप क्या है?
वकील का दावा है कि पुलिस के पास फोन होने के बावजूद शालू का इंस्टाग्राम अकाउंट ऑनलाइन सक्रिय था।
2. पुलिस अब क्या कदम उठा रही है?
पुलिस अब शालू के पास किसी दूसरे मोबाइल की मौजूदगी की जांच कर रही है और डिलीट किए गए मैसेज रिकवर करने की कोशिश कर रही है।