सर्वेक्षक न्यायाधीश सूर्या कान्ट ने राम जेथमलानी स्मारक व्याख्यान में जज शिकायत तंत्र को ‘समय पर और मजबूत’ बताया, साथ ही सुधार के लिए खुले रहने का आग्रह किया। उन्होंने सार्वजनिक प्लेटफ़ॉर्म पर हर शिकायत प्रकाशित करने के विरुद्ध चेतावनी दी, जबकि पारदर्शिता और न्यायिक जवाबदेही की जरूरत पर बल दिया।

  • सूर्या कान्ट ने जज शिकायत तंत्र को समय पर और मजबूत बताया।
  • सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए हर शिकायत को सार्वजनिक वेबसाइट पर डालने के खिलाफ चेतावनी दी।
  • पारदर्शिता और प्रक्रियागत निष्पक्षता से सार्वजनिक विश्वास बहाल करने पर जोर दिया।

पृष्ठभूमि

राम जेथमलानी स्मारक व्याख्यान 14 सितंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित हुआ, जहाँ वरिष्ठ वकील महेश जेथमलानी और हरिश सलवे ने न्यायिक जवाबदेही और जज शिकायत तंत्र पर गहन चर्चा की। जज यशवंत वर्मा की नकदी घोटाले के बाद, भारत में न्यायपालिका की पारदर्शिता पर प्रश्न उठे।

सूर्या कान्ट का दृष्टिकोण

सर्वेक्षक न्यायाधीश ने बताया कि वर्तमान शिकायत तंत्र “समय पर और मजबूत” है, परंतु “संस्थाएँ स्थिर नहीं रह सकतीं” और सुधार के लिए खुली रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ मामलों को सार्वजनिक मंच पर चर्चा करना अनुकूल नहीं होगा।

कानून और कॉलेजियम पर चर्चा

कान्ट ने कॉलेजियम प्रणाली के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसकी कार्यप्रणाली पर “क़ानूनी उत्तर” दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेजियम और कार्यकारी के बीच कोई “रुकावट” नहीं है और दोनों की चर्चा पारदर्शी है।

जजों की शिकायतों पर सार्वजनिक विश्वास

सूर्या कान्ट ने बताया कि सार्वजनिक विश्वास का अर्थ सिर्फ़ जीतने से नहीं है, बल्कि प्रक्रियागत निष्पक्षता से जुड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि ‘कानून’ को सार्वजनिक जांच के बावजूद स्वच्छ रहना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, न्यायपालिका में पारदर्शिता की कमी से सार्वजनिक विश्वास घट रहा है, जिससे न्यायिक सुधार की मांग बढ़ रही है। यह बयान CJI की ओर से एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, जो पारदर्शिता और गोपनीयता दोनों को ध्यान में रखता है।

"जजों की शिकायतों को सार्वजनिक करने से पहले उनके प्रभाव का सावधानीपूर्वक आकलन आवश्यक है," कहते हैं प्रोफेसर राधाकृष्णन, दिल्ली विश्वविद्यालय के क़ानूनी विभाग के प्रमुख।
Did You Know? भारत में 48% नागरिकों का न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है, जैसा कि भारत टुडे‑CVoter सर्वेक्षण में पाया गया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सभी जज शिकायतें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए?
उत्तर 1: CJI ने कहा कि कुछ संवेदनशील मामलों के लिए सार्वजनिक मंच उपयुक्त नहीं हो सकता।

प्रश्न 2: कॉलेजियम प्रणाली को क्यों आलोचना मिली है?
उत्तर 2: आलोचक मानते हैं कि यह न्यायपालिका को सरकार से स्वतंत्र बनाता है और संतुलन बिगाड़ता है।