पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में एक 12वीं फेल युवक ने पीसीएमसी (PCMC) के जाली नियुक्ति पत्र जारी कर नौकरी चाहने वालों से लाखों की ठगी की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
- आरोपी प्रतीक राजेश धैनजे ने पीसीएमसी के जाली लेटरहेड और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया।
- ठगी की राशि प्रति व्यक्ति 20,000 से 30,000 रुपये तक थी।
- आरोपी पहले भी म्हाडा (MHADA) घोटाले में शामिल रहा है।
पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में सरकारी नौकरी के सपने देखने वाले युवाओं के साथ धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस अपराध शाखा ने 26 वर्षीय प्रतीक राजेश धैनजे को गिरफ्तार किया है, जो 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और बार-बार धोखाधड़ी करने का आरोपी रहा है। आरोपी ने पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के जल आपूर्ति विभाग में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई उम्मीदवारों से लाखों रुपये ऐंठ लिए।
ठगी का शातिर तरीका
धैनजे का तरीका बेहद पेशेवर और विश्वास जीतने वाला था। वह पीसीएमसी के आधिकारिक लेटरहेड पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करता था, जिसमें विभाग के प्रमुख के जाली हस्ताक्षर और सरकारी नियमों का हवाला दिया जाता था। इन पत्रों में उम्मीदवारों को विशिष्ट समय और स्थान पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए जाते थे, जिससे वे पूरी तरह से आश्वस्त हो जाते थे। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आरोपी सरकारी पद और प्रक्रिया की बारीकियों का उपयोग करके लोगों का भरोसा जीतता था।
जाली सरकारी दस्तावेजों का उपयोग करना और आधिकारिक पदों का नाम लेकर ठगी करना एक गंभीर संगठित अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस ने अब तक कम से कम छह पीड़ितों की पहचान की है, जिनसे लगभग 1.5 लाख रुपये की ठगी हुई है। हालांकि, पुलिस को आशंका है कि पीड़ितों की संख्या और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कई अन्य लोग भी सामने आने की तैयारी में हैं।
अपराध का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब धैनजे को धोखाधड़ी के लिए पकड़ा गया है। जनवरी 2025 में, उस पर महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) की एक फर्जी योजना के तहत कम लागत वाले घर दिलाने के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा था। उस मामले में भी उसने पीड़ितों को शांत रखने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे और फर्जी अपडेट देते रहे थे।
ऐतिहासिक संदर्भ: सरकारी नौकरी घोटाले
भारत के शहरी क्षेत्रों में सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी एक पुरानी समस्या रही है। अक्सर अपराधी सरकारी विभागों के नाम और लेटरहेड का दुरुपयोग करते हैं, जिससे आम जनता को असली और नकली के बीच अंतर करने में कठिनाई होती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आरोपी ने किस विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया था?
उत्तर: आरोपी ने पीसीएमसी के जल आपूर्ति विभाग में स्थायी पद दिलाने का वादा किया था।
प्रश्न 2: क्या आरोपी के पास कोई अन्य साथी भी शामिल हैं?
उत्तर: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी और ने उसकी मदद की थी।