मुंबई में रोहन भूषण शेठ नामक व्यक्ति ने नकली मुनाफे का लालच देकर 42 निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़प लिए। जांच में पता चला कि वह तीन अलग-अलग पहचानों और विग का उपयोग करके अपनी असली पहचान छिपा रहा था।
- रोहन भूषण शेठ ने 42 निवेशकों से लगभग 5 करोड़ रुपये निवेश कराए और 30 करोड़ से अधिक के नुकसान का दावा किया गया है।
- आरोपी ने निवेशकों को लुभाने के लिए विग का उपयोग किया और तीन अलग-अलग नामों से जीवन व्यतीत किया।
- मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने आरोपी को वलसाड से गिरफ्तार किया है।
मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बेहद जटिल और सुनियोजित शेयर बाजार घोटाले का पर्दाफाश किया है। रोहन भूषण शेठ नामक व्यक्ति ने खुद को एक सफल शेयर ट्रेडर के रूप में पेश किया और निवेशकों को हर महीने 2 से 5 प्रतिशत रिटर्न का लालच दिया। जांच में सामने आया है कि शेठ ने निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए विग का सहारा लिया और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए तीन अलग-अलग नाम और पहचान पत्रों का उपयोग किया।
यह घोटाला तब उजागर हुआ जब शेठ ने निवेशकों को भुगतान करना बंद कर दिया और अपने मुंबई स्थित लग्जरी अपार्टमेंट्स को खाली कर फरार हो गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, शेठ ने सिओन और माटुंगा जैसे पॉश इलाकों में करोड़ों रुपये के फ्लैट खरीदे थे। उसके पास बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज जैसी महंगी कारें और रोलेक्स जैसी कीमती घड़ियों का बड़ा संग्रह था, जो कथित तौर पर धोखाधड़ी की राशि से जुटाया गया था।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला वित्तीय साक्षरता की कमी और डिजिटल युग में पहचान की चोरी के बढ़ते खतरों को उजागर करता है। जब कोई व्यक्ति अत्यधिक रिटर्न का वादा करता है, तो वह अक्सर एक बड़े जाल का हिस्सा होता है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे अपराधी विलासितापूर्ण जीवनशैली का उपयोग करके निवेशकों के मनोविज्ञान के साथ खेलते हैं।
निवेशकों को केवल कागजी मुनाफे पर भरोसा करने के बजाय, फंड के वास्तविक ऑडिट और नियामक पंजीकरण की जांच करनी चाहिए।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शेठ ने तीन अलग-अलग पहचानों का उपयोग किया था। बचपन में वह जयेश हसमुखभाई शाह के रूप में जाना जाता था, दिल्ली में उसने राहुल अतुलभाई पारेख के रूप में शादी की, और अंततः मुंबई में रोहन भूषण शेठ बनकर ठगी की। पुलिस को उसके फर्जी मुनाफे दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए एक्सेल शीट्स और नकली प्रॉफिट स्टेटमेंट भी मिले हैं।
इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार संजय हिरालाल शाह नामक एक सेवानिवृत्त व्यक्ति थे, जिन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। शेठ ने शाह के बेटे को एक ट्रेडिंग ऐप 'Investok' विकसित करने के लिए काम पर रखा था, जिसका उपयोग बाद में निवेशकों को गुमराह करने के लिए किया गया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: रोहन भूषण शेठ ने कुल कितने लोगों को ठगा?
उत्तर: EOW के अनुसार, उसने महाराष्ट्र और गुजरात के 42 निवेशकों को निशाना बनाया।
प्रश्न 2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
उत्तर: पुलिस ने उसकी मृत पत्नी के क्रेडिट कार्ड लेनदेन और जीपीएस डेटा/टोल प्लाजा रिकॉर्ड के माध्यम से उसे वलसाड में ट्रैक किया।
| विवरण | वास्तविकता |
|---|---|
| वादा किया गया रिटर्न | 2-5% मासिक |
| पहचानों की संख्या | 3 (जयेश, राहुल, रोहन) |
| मुख्य पहचान का साधन | विग और फर्जी एक्सेल शीट |