पार्क स्ट्रीट के इतिहास को फिर से जीवंत करने हेतु द हिन्दू का ‘Lit for Life Unplugged’ 19 जुलाई को उषा उथुप और इतिहासकार आनंद पुरी के साथ कोलकाता में मंचित होगा। इस कार्यक्रम में संगीत, यादें और ट्रिंकास की सदी‑पुरानी कहानी का अद्वितीय संगम पेश किया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- उषा उथुप और इतिहासकार आनंद पुरी 19 जुलाई को पार्क स्ट्रीट में मिलेंगे
- ट्रिंकास का 60‑वर्षीय इतिहास, संगीत सर्किट और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला जाएगा
- ‘Lit for Life Unplugged’ का यह कार्यक्रम कोलकाता के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक है
कोलकाता के पार्क स्ट्रीट को भारत की सबसे बड़ी लाइव‑म्यूजिक मंच कहा जाता रहा है। 1960‑के दशक में यहाँ के रेस्तरां‑हॉल में निरंतर बैंड बजते, दर्शक एक जगह से दूसरी जगह संगीत का आनंद लेते। इस ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य को फिर से जीवंत करने हेतु द हिन्दू ने Lit for Life Unplugged कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें मशहूर गायक उषा उथुप और ट्रिंकास के तृतीय‑पीढ़ी के संरक्षक आनंद पुरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
पार्क स्ट्रीट का संगीत‑सर्किट
1960‑के दशक में पार्क स्ट्रीट को “संगीत की राजधानी” कहा जाता था। हर रेस्तरां में एक स्थायी बैंड होता और दर्शक एक ही शाम में कई स्थलों पर जाकर विभिन्न शैलियों का अनुभव करते। इस सर्किट का केंद्र बिंदु ट्रिंकास था, जिसकी विस्तृत डांस फ़्लोर, कठोर टैलेंट स्क्रिनिंग और सुबह‑दोपहर के जैम सेशन युवा एंग्लो‑इंडियन संगीतकारों को आकर्षित करते थे। इस दौर में अमिताभ बच्चन, शरमिला टैगोर, रंधीर कपूर और यहाँ तक कि ब्रिटिश रॉक बैंड ‘द हू’ के सदस्य भी यहाँ की ध्वनि में डूबे थे।
ट्रिंकास की सदी‑पुरानी कहानी
ट्रिंकास की स्थापना 1927 में स्विस कन्फेक्शनरी के रूप में हुई, जिसके संस्थापक क्विंटो सिन्ज़ियो ट्रिंका और जोसेफ फ्लरी थे। समय के साथ यह एक प्रमुख संगीत स्थल बन गया, जहाँ उषा उथुप जैसी आवाज़ें भी अपने शुरुआती कदम रख चुकी थीं। उषा उथुप ने बताया, “ट्रिंकास मेरा मंदिर, मेरी मस्जिद, मेरा घर है; यहाँ प्रवेश करते ही गले में कफ़न जैसा एहसास होता है।” उनका यह भावनात्मक जुड़ाव कार्यक्रम को और भी अर्थपूर्ण बनाता है।
आनंद पुरी की शोध‑यात्रा
इतिहासकार आनंद पुरी ने ट्रिंकास के 100‑साल के इतिहास को दर्शाने वाला एक ग्रंथ लिखने की तैयारी की है। उनका मानना है कि “पार्क स्ट्रीट उस समय भारत का सबसे रोमांचक मनोरंजन केंद्र था, जहाँ हर रेस्तरां में लाइव बैंड बजता था और ट्रिंकास इस सांस्कृतिक नक्षत्र का केंद्र बिंदु था।” उन्होंने ट्रिंकास में हुए कई अनकहे किस्से साझा किए, जैसे कि एंगेल्बर्ट हम्पर्डिंक, बिड़ु अप्पैया और अन्य अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का मंच पर पदार्पण।
कार्यक्रम का महत्व
‘Lit for Life Unplugged’ केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं है; यह कोलकाता की सांस्कृतिक स्मृति को पुनर्जीवित करने का एक मंच है। जब उषा उथुप अपने संगीत सफर की कहानी सुनाएंगी और आनंद पुरी ट्रिंकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का खुलासा करेंगे, तब दर्शकों को न केवल मनोरंजन बल्कि इतिहास की गहरी समझ भी मिलेगी। यह पहल कोलकाता को एक बार फिर संगीत, कला और यादों के संगम के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।