लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग ने फ्लॉक से अपने तीन‑साल के अनुबंध को नवीनीकृत नहीं किया, citing गंभीर नागरिक स्वतंत्रता और गोपनीयता चिंताएँ। यह कदम शहर के अन्य क्षेत्रों में बढ़ती निगरानी के विरोध को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • LAPD ने फ्लॉक के साथ 3‑साल का अनुबंध समाप्त किया।
  • निर्णय का कारण गोपनीयता और डेटा सुरक्षा में गंभीर चिंताएँ।
  • अन्य अमेरिकी शहरों ने भी समान कारणों से फ्लॉक के साथ सहयोग रोक दिया है।

लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) ने फ्लॉक सेफ्टी, एक लाइसेंस प्लेट पहचान कैमरों की कंपनी, के साथ अपने तीन‑साल के अनुबंध को शनिवार को समाप्त कर दिया। विभाग के मुख्य सूचना अधिकारी डीन गियालामास ने यह स्पष्ट किया कि यह “गंभीर नागरिक अधिकार और गोपनीयता” संबंधी चिंताओं के कारण है। फ्लॉक की कैमरों की नेटवर्क, जो संयुक्त राज्य भर में 80,000 से अधिक इकाइयों तक फैली हुई है, पहले पुलिस को वाहन ट्रैक करने में मदद करती थी, लेकिन डेटा संग्रह, भंडारण और साझा करने के तरीकों पर सवाल उठे।

पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय प्रभाव

फ्लॉक का व्यवसाय मॉडल कई बड़े शहरी पुलिस विभागों के साथ अनुबंधों पर निर्भर करता है। LAPD, जो संयुक्त राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पुलिस बल है, फ्लॉक का प्रमुख सरकारी ग्राहक बन चुका था। इस अनुबंध का समाप्त होना केवल एक स्थानीय नीति परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी तकनीक के नियमन और नागरिक गोपनीयता की पुनः परिभाषा का संकेत है। कई शहर—जैसे माउंटेन व्यू, कैलिफ़ोर्निया और साउथ पोर्टलैंड, मेन—पहले ही समान कारणों से फ्लॉक के साथ सहयोग बंद कर चुके हैं।

समुदाय की प्रतिक्रिया और सुरक्षा जोखिम

स्थानीय समुदायों ने फ्लॉक के कैमरों को तोड़‑फोड़ और कचरे के थैलों से ढँक कर विरोध किया है। ऐसे कार्यों ने डेटा लीक, गलत पहचान और अनुचित पुलिस कार्रवाई के मामलों को उजागर किया। उदाहरण के रूप में, एक पत्रकार को फ्लॉक की गलत पहचान के कारण कई दिनों तक ट्रैक किया गया और अंत में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ऐसी घटनाएँ फ्लॉक के तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए जोखिम प्रबंधन को जटिल बनाती हैं।

भविष्य की दिशा

LAPD ने बताया कि वह अनुबंध में नई भाषा जोड़ने की कोशिश कर रहा है, जो डेटा सुरक्षा, बहु‑कारक प्रमाणीकरण और स्थानीय अधिकारियों की अनुमति को स्पष्ट रूप से परिभाषित करेगी। इस बदलाव से अन्य शहरों को भी अपने निगरानी समझौतों की पुनः जाँच करने का अवसर मिल सकता है, जिससे निजी‑सार्वजनिक साझेदारी में पारदर्शिता बढ़ेगी।