Meta के स्मार्ट‑ग्लासेज़ के लिए विकसित NameTag फीचर कोड में मौजूद था, पर कंपनी ने इसे ‘मौजूद नहीं’ कहा। इस विरोधाभास ने गोपनीयता, नियामक प्रतिबंध और तकनीकी वास्तविकता पर नई बहस छेड़ दी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- Meta AI ऐप में NameTag का कोड जनवरी‑फ़रवरी में जोड़ा गया था।
- कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि फीचर अभी मौजूद नहीं है, जबकि विशेषज्ञों ने इसे कार्यात्मक पाया।
- फेस‑पहचान को स्थानीय डेटाबेस में संग्रहीत करना नियामक (BIPA, CUBI) अनुपालन के कारण महत्वपूर्ण है।
Meta ने अपने Ray‑Ban स्मार्ट‑ग्लासेज़ के लिए एक नया फेस‑पहचान सिस्टम “NameTag” विकसित किया। WIRED की 4 जून की रिपोर्ट के अनुसार, यह कोड Meta AI companion ऐप में शामिल था, लेकिन सक्रिय नहीं था। रिपोर्ट के बाद, Meta के उपाध्यक्ष Andy Stone ने X (Twitter) पर कहा, “फीचर मौजूद नहीं है।” इसके 24 घंटे बाद ही कंपनी ने ऐप से कोड हटा दिया।
कोड का अस्तित्व और विशेषज्ञों का परीक्षण
WIRED ने पाया कि NameTag का कोड जनवरी में ही Meta AI में आया था, और फरवरी में New York Times ने इस प्रोजेक्ट का उल्लेख किया। मई तक कोड की मुख्य घटकें ऐप में मौजूद थीं। एक स्वतंत्र शोधकर्ता, जो Buchodi नाम से जाना जाता है, ने कोड की समीक्षा की और Michel Foucault की तस्वीर को पहचानने में सफल रहा, जिससे यह साबित हुआ कि तकनीकी रूप से सिस्टम कार्यशील था।
Meta के अधिकारियों के बीच असंगति
Meta के CTO Andrew “Boz” Bosworth ने 8 जुलाई को “The Most Interesting Thing in AI” पॉडकास्ट में NameTag को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि जब उपयोगकर्ता अपने चश्मे पहने हों तो सिस्टम “आपके सामने मौजूद व्यक्ति का नाम” दिखा सकता है। हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता Ryan Daniels ने यह स्पष्ट किया कि Bosworth ने “would be” शब्द का उपयोग किया, जिसका मतलब है कि यह अभी एक संभावित फीचर है, न कि वर्तमान में उपलब्ध।
कानूनी और गोपनीयता पहलू
फेस‑पहचान तकनीक को “केन्द्रित डेटाबेस” के बजाय स्थानीय “फेसप्रिंट” के रूप में संग्रहीत किया जाता है, जिससे BIPA (Illinois) और CUBI (Texas) जैसे नियमों का उल्लंघन नहीं होता। ये नियम कंपनियों को उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति के बिना बायोमेट्रिक डेटा एकत्र करने से रोकते हैं। Bosworth ने इस बात पर जोर दिया कि Meta का लक्ष्य स्थानीय डेटाबेस पर निर्भर रहना है, न कि वैश्विक डेटाबेस बनाना।
भविष्य की दिशा
यदि Meta NameTag को उपभोक्ता‑स्तर पर लाने का निर्णय लेता है, तो उसे नियामक ढाँचे, डेटा सुरक्षा और उपयोगकर्ता‑अनुभव के बीच संतुलन बनाना होगा। अभी के लिए, कोड मौजूद है, लेकिन व्यावहारिक उपयोग के लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी तैयार नहीं हुआ है।