2025 में टेलंगाना ने 21,639 साइबर अपराध FIR दर्ज किए, जो देश के कुल 44% का प्रतिनिधित्व करता है। इस वृद्धि ने वित्तीय नुकसान को ₹1,524 करोड़ तक पहुँचाया, जिससे राज्य की डिजिटल सुरक्षा रणनीति पर नया दबाव बना है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • टेलंगाना ने 2025 में 44% राष्ट्रीय साइबर FIR का हिस्सा बनाया
  • साइबर धोखाधड़ी ने राज्य में ₹1,524 करोड़ का नुकसान पहुंचाया
  • पुलिस ने उच्च‑मूल्य वाले मामलों में 78% FIR रूपांतरण दर हासिल की

टेलंगाना में 2025 में कुल 86,177 प्रमुख अपराध FIR दर्ज किए गए, जिनमें 21,639 साइबर‑संबंधित FIR हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हर चार प्रमुख FIR में से एक साइबर अपराध है, तथा राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर 44% कुल साइबर FIR का नेतृत्व किया, जिससे यह देश में शीर्ष स्थान पर आया।

आर्थिक प्रभाव और सामाजिक चिंता

इन साइबर FIR से हुए वित्तीय नुकसान लगभग ₹1,524 करोड़ तक पहुँच गया। टेलंगाना के पुलिस निदेशक, सी.वी. आनंद ने चेतावनी दी कि डिजिटल धोखाधड़ी कई परिवारों को जीवनभर की बचत खोने के कगार पर ले जा रही है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को उन्नत तकनीकी कौशल और साइबर जांच में विशेषज्ञता हासिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कानून प्रवर्तन की दक्षता

राज्य ने उच्च‑मूल्य वाले साइबर धोखाधड़ी मामलों में 78% FIR रूपांतरण दर हासिल की, जहाँ नुकसान ₹75 लाख से अधिक था, जबकि ₹1 लाख से अधिक नुकसान वाले मामलों में यह दर 56% रही। साथ ही, धोखेबाजों के खातों में फंसी राशि 2024 में ₹255 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹279 करोड़ हो गई, और रोक के प्रतिशत 9% से 12% तक सुधरा। कुल साइबर शिकायतें 3% घटकर 91,369 पर आ गईं।

प्रौद्योगिकी एवं भविष्य की पहल

डायरेक्टर‑जनरल ऑफ पुलिस ने टेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) की कार्यक्षमता, तकनीकी बुनियादी ढाँचा और जांच पद्धतियों की व्यापक समीक्षा की। AI‑संचालित साइबर कॉल सेंटर का प्रदर्शन दिखाते हुए, प्रणाली ने तुरंत पीड़ित की जानकारी एकत्रित की और संबंधित थाने को अलर्ट भेजा। TGCSB की प्रमुख शिखा, शिखा गुप्ता, ने साइबर‑क्राइम रुझान, जांच तकनीक और पीड़ित सहायता तंत्र पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

नागरिकों के लिए सुझाव

आगे बढ़ते साइबर जोखिम को रोकने हेतु, नागरिकों को तुरंत 1930 पर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से धोखाधड़ी की सूचना देनी चाहिए। साथ ही, अज्ञात व्यक्तियों को OTP, पासवर्ड या बैंकिंग विवरण साझा करने से बचें। यह सतर्कता न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि सामुदायिक आर्थिक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।