शोधकर्ताओं ने 'CameraSwarm' नामक एक बड़े साइबर हमले का खुलासा किया है जिसमें 14,500 से अधिक डहुआ IP कैमरों को हैक किया गया। यह हमला मुख्य रूप से यूक्रेन और रूस में केंद्रित था और इसमें गंभीर सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया गया।

  • हैकर्स ने 35 दिनों के भीतर 14,530 डहुआ IP कैमरों को सफलतापूर्वक हैक किया।
  • हमले के लिए ब्रूट-फोर्स, ज्ञात कमजोरियों (CVE) और क्लाउड-रिले तकनीकों का उपयोग किया गया।
  • हैकर्स ने डिवाइस के सीरियल नंबर का उपयोग करके पासवर्ड रिसेट करने की क्षमता हासिल कर ली।
  • मुख्य रूप से रूस और CIS देशों के टेलीकॉम नेटवर्क को निशाना बनाया गया।

साइबर सुरक्षा की दुनिया में एक बड़े संकट का खुलासा हुआ है। Hunt.io के शोधकर्ताओं ने 'CameraSwarm' नामक एक व्यापक अभियान की पहचान की है, जिसने दुनिया भर में 14,500 से अधिक Dahua IP कैमरों को प्रभावित किया है। यह हमला जून 17 से जुलाई 22 के बीच लगभग 35 दिनों तक चला, जिसमें हैकर्स ने सुरक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने के लिए कई उन्नत तरीकों का इस्तेमाल किया।

इस हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हैकर्स ने केवल पासवर्ड ही नहीं चुराए, बल्कि उन्होंने उपकरणों के सीरियल नंबर का उपयोग करके डहुआ के क्लाउड-रजिस्टर्ड कैमरों के लिए 'ऑफलाइन रिकवरी कोड' भी जनरेट कर लिए। इसका मतलब है कि वे बिना मौजूदा एडमिन पासवर्ड जाने भी कैमरे का नियंत्रण वापस पा सकते हैं।

हमले के तीन मुख्य तरीके

शोधकर्ताओं ने पाया कि 'CameraSwarm' अभियान में तीन समानांतर हमला तकनीकों का उपयोग किया गया था:

  • ब्रूट-फोर्स हमला: हैकर्स ने TCP पोर्ट 37777 को स्कैन किया और 12,324 अद्वितीय IP पतों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कैमरों के स्नैपशॉट लिए और उन्हें टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त किया।
  • भेद्यता शोषण (Vulnerability Exploitation): CVE-2021-33044 और CVE-2021-33045 जैसी कमजोरियों का उपयोग करके 'p2pwn' नामक टूल के माध्यम से 1,923 कैमरों में एक स्थायी बैकडोर अकाउंट स्थापित किया गया। यह अकाउंट फैक्ट्री रीसेट के बाद भी बना रह सकता है।
  • क्लाउड-रिले हमला: केवल सीरियल नंबर और SDK क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके 283 कैमरों तक पहुंच बनाई गई, जो NAT के पीछे स्थित थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह हमला केवल डेटा चोरी के बारे में नहीं है, बल्कि यह भौतिक सुरक्षा (Physical Security) के उल्लंघन का एक गंभीर उदाहरण है। जब आईपी कैमरे हैक होते हैं, तो हमलावर निजी घरों और संवेदनशील व्यावसायिक स्थानों की लाइव फुटेज देख सकते हैं, जिससे गोपनीयता का पूर्ण विनाश होता है।

यह हमला दर्शाता है कि कैसे पुराने सॉफ़्टवेयर और कमजोर रिकवरी प्रक्रियाएं आधुनिक साइबर अपराधियों के लिए खुला द्वार प्रदान करती हैं।

जांच के दौरान, शोधकर्ताओं को हैकर्स के सर्वर पर 407 MB डेटा मिला, जिसमें सोर्स कोड, लॉग्स, क्रेडेंशियल्स और यहाँ तक कि चोरी की गई कैमरा छवियां भी शामिल थीं। हालांकि हमला वैश्विक स्तर पर फैला था, लेकिन हैकर्स का मुख्य ध्यान रूस और CIS (स्वतंत्र राज्यों का राष्ट्रकुल) के टेलीकॉम नेटवर्क पर था।

Did You Know?: हैकर्स द्वारा उपयोग किया गया 'p2pwn' बैकडोर अकाउंट इतना शक्तिशाली है कि यह डिवाइस के फैक्ट्री रीसेट होने के बाद भी सिस्टम में बना रह सकता है।

Frequently Asked Questions

1. मैं कैसे जान सकता हूं कि मेरा डहुआ कैमरा हैक हुआ है?
अपने कैमरे की सेटिंग्स में 'p2pwn' नामक किसी भी अज्ञात यूजर अकाउंट की जांच करें और सुनिश्चित करें कि आपका पोर्ट 37777 सुरक्षित है।

2. सुरक्षा के लिए तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए?
तुरंत डहुआ का नवीनतम फर्मवेयर अपडेट (SA-2021-0130 या उससे नया) इंस्टॉल करें और यदि आवश्यक न हो तो P2P सुविधा को अक्षम कर दें।