पिछले साल 59 CRPF कर्मियों की आत्महत्या ने सुरक्षा बल को हिलाकर रख दिया। अब एक उच्च‑स्तरीय कोर समूह मासिक समीक्षा करेगा और रोकथाम उपायों को सुदृढ़ करेगा।

  • 2025 में CRPF में आत्महत्याओं की संख्या पाँच साल में सबसे अधिक रही (59)
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले पर रिपोर्ट मांगी
  • डायरेक्टर जनरल जी.पी. सिंह के नेतृत्व में कोर समूह हर महीने समीक्षा करेगा

नई दिल्ली – केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने कर्मियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक उच्च‑स्तरीय कोर समूह बनाया है। यह कदम पिछले वर्ष 59 कर्मियों की आत्महत्या के बाद उठाया गया, जो 2021‑2025 के आंकड़ों में सबसे अधिक है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस समस्या को नोट किया और गृह मंत्रालय तथा CRPF के जनरल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। इस पर CRPF ने इस महीने अपने मुख्यालय में एक बैठक बुलाई, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संरचित तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।

कोर समूह का नेतृत्व CRPF के डायरेक्टर जनरल जी.पी. सिंह करेंगे। समूह हर महीने तीसरे सप्ताह में मिलकर पिछले अवधि में दर्ज आत्महत्याओं की जाँच करेगा, कारणों, उपलब्ध कल्याण एवं मनोवैज्ञानिक सहायता, और इकाई‑स्तर पर उठाए गए रोकथाम कदमों की समीक्षा करेगा।

प्रत्येक केस में संबंधित बैटालियन के कमांडेंट को चार‑पाँच स्लाइड की प्रस्तुति वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देनी होगी। इस प्रस्तुति में व्यक्ति की पृष्ठभूमि, घटना के पूर्व कारण, इकाई द्वारा उठाए गए कदम, कल्याण एवं चिकित्सा हस्तक्षेप, प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष और पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल होंगे।

समीक्षा में इकाई के संचालन प्रमुख, संबंधित DIG, IG और ADG/SDG भी भाग लेंगे, जिससे सभी स्तरों पर जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके। कोर समूह का लक्ष्य प्रत्येक मामले को वस्तुनिष्ठ रूप से देखना, आवश्यक रोकथाम, कल्याण, प्रशासनिक एवं चिकित्सा उपाय सुझाना, और सामान्य रुझानों एवं जोखिम कारकों की पहचान करना है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that unchecked mental‑health issues within paramilitary forces can erode operational readiness and public trust, making systematic interventions crucial for national security.

"सतत मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और त्वरित हस्तक्षेप ही आत्महत्याओं को कम करने की कुंजी है," कहते हैं मनोवैज्ञानिक प्रो. रवीश कुमार।
Did You Know?: 2024 में CRPF ने पहली बार अपने सभी कैंपों में 24‑घंटे की मानसिक हेल्पलाइन स्थापित की थी।

Frequently Asked Questions

Q1: कोर समूह की समीक्षाएँ कितनी बार होंगी?
A: समूह हर महीने, आमतौर पर तीसरे सप्ताह, ऑनलाइन बैठक के माध्यम से समीक्षा करेगा।

Q2: इस पहल से अपेक्षित परिणाम क्या हैं?
A: लक्ष्य आत्महत्या की घटनाओं में गिरावट, बेहतर मानसिक स्वास्थ्य समर्थन, और इकाई‑स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।