भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के उद्घाटन में पुलिस प्रमुखों को अवैध प्रवासियों की पहचान, हटाना और डिपोर्ट करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने मल्टी‑एजेंसी सेंटर (MAC) पर एआई‑आधारित विश्लेषण से SOP तैयार करने का भी आग्रह किया।

  • अमित शाह ने अवैध प्रवासियों की पहचान, हटाना और डिपोर्ट करने का आदेश दिया।
  • MAC प्लेटफ़ॉर्म पर एआई‑आधारित विश्लेषण से राष्ट्रीय सुरक्षा SOP तैयार किए जाएंगे।
  • 2026 के राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में सूचना युद्ध, जैव‑सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी जैसे मुद्दे चर्चा का केंद्र हैं।

नैशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजीज़ कॉन्फ़्रेंस‑2026 का उद्घाटन

नई दिल्ली में 24 अगस्त 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन (NSSC) के उद्घाटन समारोह में गृह और सहयोग मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को ‘आक्रमण’ रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस प्रमुखों को अवैध प्रवासियों की पहचान, हटाना और डिपोर्ट करने का आदेश दिया।

एआई‑आधारित विश्लेषण और SOP का निर्माण

श्री शाह ने कहा कि मल्टी‑एजेंसी सेंटर (MAC) प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का एआई‑आधारित विश्लेषण किया जाना चाहिए, जिससे विभिन्न राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए मानकीकृत ऑपरेटिंग प्रक्रियाएँ (SOP) तैयार की जा सकें। यह कदम सूचना युद्ध और साइबर‑खतरे के खिलाफ त्वरित प्रतिक्रिया को सक्षम करेगा।

सम्मेलन की मुख्य विषयवस्तु

850 से अधिक प्रतिभागियों ने इस हाइब्रिड फॉर्मेट सम्मेलन में भाग लिया, जिसमें गृह सचिव गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के प्रमुख शामिल थे। राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के पुलिस मुख्यालय, युवा अधिकारी और विभिन्न विशेषज्ञ भी वर्चुअल रूप से जुड़े।

पहले दिन के सत्रों में आतंकवाद विरोधी चुनौतियों, MAC के माध्यम से खुफिया विश्लेषण, मादक पदार्थ नियंत्रण, अवैध प्रवासियों का डिटेक्शन‑डिपोर्ट, साइबर‑क्राइम नीति और पाकिस्तान द्वारा प्रोक्सी वारफेयर पर विस्तृत चर्चा हुई।

श्री शाह ने MHA की PRAHAAR योजना के प्रशिक्षण, भागीदारों को ट्रायल में लाने के लिए तेज़ प्रक्रियाएँ, तथा UAPA मामलों में एकीकृत जांच के महत्व पर बल दिया। उन्होंने ‘ट्रायल इन एबसेन्टिया’ की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

दूसरे दिन में उप‑वायवीय सिस्टमों से उत्पन्न खतरे, ब्लू इकोनॉमी की सुरक्षा और समुद्री सीमा पर नई रणनीतियों पर प्रकाश डाला जाएगा। यह वार्षिक सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिशा-निर्देशों के तहत 2021 से प्रत्येक वर्ष हाइब्रिड रूप में आयोजित किया जा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a coordinated AI‑driven approach to migrant detection and rapid deportation can significantly reduce illegal entry points, thereby strengthening India’s internal security architecture and sending a clear deterrent signal to transnational networks.

"AI‑enabled MAC analytics will become the backbone of India’s proactive security posture," says Dr. Renu Sharma, senior security analyst.
Did You Know?: भारत ने 2020 के बाद से हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित किया है, जिससे ग्रासरूट स्तर के अधिकारियों को नीति‑निर्माण में सीधे शामिल किया जाता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या अवैध प्रवासियों की डिटेक्शन के लिए विशेष तकनीकी उपकरण प्रदान किए जाएंगे?

A: मंत्रालय ने बताया है कि एआई‑आधारित प्लेटफ़ॉर्म और रीयल‑टाइम डेटा शेयरिंग सिस्टम को जल्द ही लागू किया जाएगा।

Q2: इस निर्देश के बाद किन राज्यों में सबसे पहले कार्रवाई होगी?

A: सीमा‑राज्य जैसे पंजाब, जम्मू‑कश्मीर और पश्चिम बंगाल को प्राथमिकता दी जाएगी।