अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी DHS ने REI रिटेलर को एक विवादास्पद सबपीना जारी किया है, जिसमें मिनियापोलिस क्षेत्र में एक विशिष्ट हरे रंग की टोपी (beanie) खरीदने वाले सभी ग्राहकों का डेटा मांगा गया है। यह जांच एक चर्च में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी है।
- DHS ने REI रिटेलर से पिछले दो वर्षों में विशिष्ट हरे रंग की टोपी खरीदने वाले ग्राहकों की जानकारी मांगी है।
- यह जांच मिनियापोलिस के एक चर्च में हुए ICE विरोध प्रदर्शन से संबंधित है।
- अभियोजन पक्ष ने 39 लोगों और पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
- '1509 कस्टम्स समन्स' के दुरुपयोग पर गोपनीयता और नागरिक अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की जांच एजेंसी, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI), एक अभूतपूर्व और विवादास्पद कानूनी कदम उठा रही है। हालिया अदालती दस्तावेजों से पता चला है कि एजेंसी ने आउटडोर रिटेलर REI को एक सबपीना (subpoena) जारी किया है। इस मांग में मिनियापोलिस-सेंट पॉल क्षेत्र के उन सभी व्यक्तियों का लेनदेन विवरण मांगा गया है, जिन्होंने 2024 से कंपनी से एक विशिष्ट प्रकार की गहरे हरे रंग की टोपी (dark green beanie) खरीदी है।
यह मामला एक व्यापक संघीय मुकदमे का हिस्सा है, जो उन 39 लोगों के खिलाफ चलाया जा रहा है जिन्होंने एक चर्च में ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ उन पत्रकारों को भी प्रतिवादी बनाया गया है जो इस घटना को कवर कर रहे थे, जिनमें पूर्व CNN होस्ट डॉन लेमन भी शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह मामला केवल एक टोपी के बारे में नहीं है, बल्कि यह डेटा गोपनीयता और सरकारी निगरानी की सीमाओं के बारे में है। जब एक सरकारी एजेंसी किसी विशिष्ट वस्तु (जैसे एक खास रंग की टोपी) को खरीद आधार बनाकर हजारों निर्दोष नागरिकों की पहचान करने की कोशिश करती है, तो यह 'फिशिंग एक्सपीडिशन' (fishing expedition) का संकेत देता है, जिसका उद्देश्य बिना किसी ठोस आधार के लोगों की निजी जानकारी जुटाना है।
"DHS के लिए REI से दो साल का ग्राहक डेटा मांगना पूरी तरह से हास्यास्पद है। यह मिनियापोलिस के लोगों के खिलाफ एक राजनीतिक अभियान जैसा लगता है," अमेरिकी सीनेटर रॉन वायडेन ने कहा।
जांच में केवल REI ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों, एयरलाइंस, टेलीकॉम प्रदाताओं और कार रेंटल कंपनियों को भी 92 सबपीना भेजे गए हैं। कुछ मामलों में, सरकार ने एयरलाइंस से न केवल पिछले यात्रा विवरण मांगे, बल्कि भविष्य की यात्राओं के लिए 'लुकआउट नोटिफिकेशन' भी मांगा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1509 कस्टम्स समन्स का दुरुपयोग
ऐतिहासिक रूप से, 1509 कस्टम्स समन्स का उपयोग आयात और निर्यात से संबंधित जानकारी मांगने के लिए किया जाता है। हालांकि, हाल के वर्षों में, नागरिक अधिकार समूहों ने आरोप लगाया है कि DHS इस कानूनी उपकरण का उपयोग ऑनलाइन आलोचकों और विरोधियों की पहचान करने के लिए कर रहा है, और इसके लिए किसी न्यायाधीश या जूरी की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है।
| कंपनी | सरकार के प्रति प्रतिक्रिया | परिणाम |
|---|---|---|
| अस्वीकार किया | डेटा साझा नहीं किया | |
| आपत्ति जताई | सबपीना वापस लिया गया | |
| T-Mobile | अनुपालन किया | कॉल लॉग्स साझा किए गए |
| Meta | विरोध किया | कानूनी चुनौती दी |
Frequently Asked Questions
1. DHS ने REI से डेटा क्यों मांगा?
DHS एक चर्च में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहा है, और उन्हें संदेह है कि विशिष्ट टोपी पहने लोग प्रदर्शनकारी हो सकते हैं।
2. क्या कंपनियां सरकार की बात मानने के लिए बाध्य हैं?
कुछ कंपनियां (जैसे T-Mobile) कानूनी अनुपालन के लिए डेटा देती हैं, जबकि अन्य (जैसे Google और Reddit) गोपनीयता और प्रथम संशोधन के आधार पर विरोध करती हैं।