साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने 'डोपेलकार्ट' नामक एक विशाल धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो लाखों फर्जी ई-कॉमर्स साइटों का उपयोग करके ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड विवरण चुरा रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक रूप से प्रलेखित फर्जी-शॉप क्लस्टर बन गया है।
- 1,19,000 से अधिक फर्जी डोमेन का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर क्रेडिट कार्ड डेटा की चोरी।
- जर्मन स्टार्टअप Nebty ने इस नेटवर्क का खुलासा किया, जिसमें 1.05 लाख साइटें अभी भी सक्रिय हैं।
- SodaStream और Daniel Wellington जैसे बड़े ब्रांडों की नकल कर भारी छूट का लालच दिया गया।
- WebSockets के माध्यम से रीयल-टाइम में संवेदनशील डेटा और बैंक ओटीपी (OTP) की चोरी।
इंटरनेट सुरक्षा के क्षेत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जर्मन साइबर सुरक्षा स्टार्टअप Nebty ने 'DoppelCart' नामक एक अत्यंत परिष्कृत और विशाल धोखाधड़ी नेटवर्क की पहचान की है। यह नेटवर्क 1,19,000 से अधिक डोमेन का उपयोग करके फर्जी ई-कॉमर्स स्टोर चला रहा है, जिनका एकमात्र उद्देश्य मासूम खरीदारों के भुगतान विवरण और व्यक्तिगत जानकारी को चुराना है। शोध के अनुसार, इनमें से अधिकांश साइटें '.SHOP' टॉप-लेवल डोमेन का उपयोग करती हैं, जो इस विशिष्ट डोमेन के कुल ट्रैफिक का लगभग 2.72% हिस्सा हैं।
डोपेलकार्ट की कार्यप्रणाली बेहद चालाकी भरी है। ये साइटें वास्तविक व्यवसायों की उत्पाद कैटलॉग, विवरण, ब्रांडिंग और छवियों की हूबहू नकल करती हैं। कुछ मामलों में, ये जालसाज असली कंपनियों के सर्वर से सीधे एसेट्स लोड करते हैं ताकि ग्राहक को संदेह न हो। Nebty के सीईओ बेनेडिक्ट शुंग्रैबर के अनुसार, यह नेटवर्क लगभग 44,182 अलग-अलग ब्रांडों की नकल कर रहा है। विशेष रूप से SodaStream, Daniel Wellington और Dreame जैसे ब्रांडों के 30 से अधिक क्लोन स्टोर बनाए गए हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक साधारण फिशिंग हमला नहीं है, बल्कि एक औद्योगिक स्तर का डेटा चोरी अभियान है। जब हमलावर 65% तक की भारी छूट का लालच देते हैं, तो वे सीधे उपभोक्ता के मनोविज्ञान पर प्रहार करते हैं। यह घटना दिखाती है कि कैसे आधुनिक साइबर अपराधी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का उपयोग करके बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं, जिससे ब्रांड की प्रतिष्ठा और उपभोक्ता का भरोसा दोनों खतरे में पड़ जाते हैं।
"डोपेलकार्ट की व्यापकता और इसकी रीयल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन क्षमता इसे अब तक के सबसे खतरनाक ई-कॉमर्स धोखाधड़ी अभियानों में से एक बनाती है।"
तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि जब कोई पीड़ित इन साइटों पर अपना विवरण दर्ज करता है, तो कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी, नाम, ईमेल और फोन नंबर जैसे संवेदनशील डेटा को WebSockets के माध्यम से रीयल-टाइम में कमांड-एंड-कंट्रोल (C2) सर्वर पर भेजा जाता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह कोड बैंक द्वारा जारी एक बार के पुष्टिकरण कोड (OTP) को भी रिले कर सकता है, जिससे हमलावर सुरक्षा स्तरों को आसानी से पार कर सकते हैं।
ऐतिहासिक रूप से, इस तरह के नेटवर्क पहले भी देखे गए हैं, जैसे कि 'BogusBazaar' जिसने 75,000 साइटों का संचालन किया था। हालांकि, डोपेलकार्ट ने उस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अपनी संख्या को दोगुना कर लिया है, जो साइबर अपराधों के बढ़ते पैमाने को दर्शाता है।
| विशेषता | BogusBazaar (पुराना) | DoppelCart (वर्तमान) |
|---|---|---|
| कुल डोमेन संख्या | 75,000 | 1,19,000+ |
| नकल किए गए ब्रांड | सीमित | 44,182+ |
| डेटा चोरी विधि | पारंपरिक फॉर्म्स | रीयल-टाइम WebSockets |
Frequently Asked Questions
1. मैं कैसे पहचान सकता हूँ कि कोई शॉपिंग साइट फर्जी है?
हमेशा URL की जांच करें, अत्यधिक भारी छूट (जैसे 60-70%) से सावधान रहें और भुगतान करने से पहले वेबसाइट की प्रमाणिकता की जांच करें।
2. अगर मेरी जानकारी चोरी हो गई है तो मुझे क्या करना चाहिए?
तुरंत अपने बैंक को सूचित करें, अपने क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक करें और अपने सभी महत्वपूर्ण पासवर्ड बदलें।